महानगर के प्रमुख बिल्डर ग्रुप पर एक युवती ने गैंगरेप का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि युवती की मानें तो पुलिस से मदद मांगने पर भी जब मदद नहीं मिली तो उसने अदालत की शरण ली और अदालत के आदेश पर सिविल लाइंस पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। मुकदमे में गैंगरेप के साथ-साथ अपहरण, हमला, क्लीपिंग बनाने तक के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइंस के श्याम नगर की युवती की ओर से अदालत में दायर याचिका में लगाए आरोपों के अनुसार बिल्डर राधेलाल शर्मा, बरौली रॉव इंटर कॉलेज बरौली के प्रबंधक बालकिशन शर्मा, भाजपा नेता व बिल्डर अविनाश गौड़ का युवती के घर के सामने दफ्तर था। जहां बैठकर यह लोग शराब आदि पिया करते थे।
हमारे विरोध पर यह लोग चिढ़ गए। 29 सितंबर 2014 को युवती के परिजनों के बाहर जाने के बाद आरोपी घर में घुस आए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान उसकी अश्लील क्लीपिंग बनाकर धमकाते हुए चले गए। इस घटना की शिकायत पर पुलिस से मदद नहीं मिली तो वह फरीदाबाद जाकर रहने लगी। इसके बाद 6 अप्रैल 2015 को एक दिन लौटी तो यहां मसूदाबाद बस स्टैंड पर उसे जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। मगर शोर पर शिकायत की धमकी पर यह लोग भाग गए। इसके बाद 7 अप्रैल को तड़के साढ़े तीन बजे जब वह लखनऊ स्टेशन पर उतरी तो इन तीनों के साथ-साथ बिल्डर योगेश गुप्ता व एक अन्य अज्ञात ने उसे जबरन हथियारों के बल पर अपनी गाड़ी में डाल लिया और फिर उसके साथ दुष्कर्म कर और बेहोश कर उसे रास्ते में फेंक दिया।
इसकी हर स्तर पर शिकायत के बाद भी मदद नहीं मिली। तब जाकर अदालत की शरण ली। इस मामले में एसीजेएम-9 के न्यायालय से 23 अप्रैल को सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ। इस आदेश पर सिविल लाइंस पुलिस ने चारों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सूर्यकांत द्विवेद्वी ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
अधिवक्ता की गिरफ्तारी से शुरू हुआ विवाद
हालांकि यह तो पुलिस जांच में साफ होगा कि मुकदमा दर्ज कराने वाली युवती कौन है, मगर जिन लोगों को इस मुकदमे में नामजद किया गया है, उनको लेकर इतना जरूर साफ हो रहा है कि यह विवाद कहीं न कहीं अधिवक्ता अनूप कौशिक की गिरफ्तारी से ही जुड़ा है। इस मुकदमे में नामजद अविनाश गौड़ को छोड़ दें तो बाकी तीनों से अनूप कौशिक का ब्लैकमेलिंग विवाद चल रहा था। इन लोगों ने मुकदमे भी अनूप पर दर्ज कराए थे। इसके बाद अनूप वारंटों में गिरफ्तार हुआ और पुलिस हिरासत से भागा। बाद में उसकी गिरफ्तारी हुई और तभी से वह जेल में है। इस मुकदमे में भी अनूप प्रकरण का एक लाइन का उल्लेख किया गया है।