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लोडेड सिरिंज फेंकने के मामले में प्रभारी चिकित्साधिकारी ने तथ्यों को छुपाने का किया प्रयास

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जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पर 29 कोविड वैक्सीन से लोडेज सिरिंज कूड़ेदान में फेंकने के मामले में एएनएम निहा खान दोषी पाई गई हैं। केंद्र की प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरफीन को जानकारी के बावजूद तथ्यों को छुपाने का दोषी माना गया है।
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22 मई को यूपीएचसी पर कोल्ड चेन मैनेजर रवेंद्र शर्मा के निरीक्षण के दौरान कोविड वैक्सीन से लोडेड 29 सिरिंज कूड़ेदान में पाया गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने एसीएमओ डॉ. एमके माथुर एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार को जांच सौंपी थी।
दो सदस्यीय कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जांच में एएनएम निहा खान को दोषी पाया गया है। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरफीन तथ्यों को छुपाने की दोषी पाई गई है। सब कुछ जानकारी होने के बाद निहा खान के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया और न ही विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी।
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क्या है मामला...
जमालपुर यूपीएचसी पर 29 कोविड वैक्सीन (कोवाक्सिन) से लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में मिली थी। एएनएम द्वारा लाभार्थियों के हाथ में सुई तो चुभोई जाती थी, लेकिन शरीर के अंदर वैक्सीन की डोज नहीं पहुंचाई जा रही थी। सुई चुभोने के बाद लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में फेंक देती थी। यही नहीं लाभार्थियों का नाम कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्र पर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को टीका लग रहा था।
- कमेटी की रिपोर्ट आ गई है। अवलोकन के लिए विभाग के नोडल अधिकारी के पास भेजा गया है। प्रथम दृष्टतया एएनएम निहा खान दोषी पाई गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।
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- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, सीएमओ
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