कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में भी परिस्थितियों के मुताबिक तैयारियां की गई हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज प्रत्येक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस एक वर्ष की अवधि में हमने संसाधनों में भी वृद्धि की है। मौजूदा समय में कोविड-19 वार्ड के लिए 10 लोगों का स्टाफ है। इनकी ड्यूटी शिफ्ट के अनुसार लगाई जाती है।
प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी ने कहा कि पहले जो वार्ड बनाए गए थे, उनमें मरीजों की संख्या शून्य हो गई थी। लेकिन अभी चार मरीज भर्ती हैं। इनमें से तीन मरीज लक्षण रहित हैं। इस समय जेएन मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सहित अन्य चिकित्सा सेवाएं भी जारी हैं। अगर कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती है तो स्टाफ को भी बढ़ाया जाएगा। चुनौती यह होगी कि अन्य चिकित्सा सेवाओं में जो स्टाफ लगा हुआ है, वहां से उसको किस तरह कम किया जा सकता है। क्योंकि गत वर्ष महामारी के दौरान ओपीडी सहित अन्य चिकित्सा सेवाएं बंद कर दी गई थी। तब स्टाफ की उपलब्धता को लेकर कोई भी समस्या नहीं हुई थी।
गत वर्ष के मुकाबले अब जेएन मेडिकल कॉलेज ज्यादा तैयार
गत वर्ष जिस समय महामारी का प्रसार शुरू हुआ। उस समय सभी के लिए नई स्थिति थी। प्रदेश के अंदर कुछ ही जगह पर जांच की व्यवस्था थी। उनमें से जेएन मेडिकल कॉलेज एक था। बाद में जांच केंद्र बढ़ाए गए, जिससे यहां पर सैंपलिंग का बोझ कम हुआ।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी उपचार और वैक्सीन का ट्रायल भी चल रहा है। जांच करने वाली मशीनों की संख्या भी बढ़ाई गई है। इनको विश्वविद्यालय में अपने पैसों से खरीदा है। इस तरह गत वर्ष के मुकाबले जेएन मेडिकल कॉलेज अब ज्यादा तैयार है।