केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार मथुरा-बरेली फोरलेन हाईवे निर्माण के लिए जल्द भूमि का अधिग्रहण होगा। यह हाईवे पीलीभीत-बरेली से अलीगढ़, हाथरस, मथुरा होते हुए भरतपुर तक बनेगा। भरतपुर से इसे जयपुर हाईवे से जोड़ा जाएगा। हाईवे निर्माण के लिए थ्री डी का काम पूरा कर लिया गया है। अब अवार्ड घोषित करने के बाद जिले के प्रभावित किसानों को अलीगढ़-कानपुर हाईवे की तर्ज पर सर्किल रेट से चार गुना अधिक का मुआवजा दिया जाएगा।
केंद्र सरकार ने प्रदेश के प्रमुख शहरों को हाईवे से जोड़ने का पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसी योजना में 530 बी मथुरा-बरेली हाईवे फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। यह हाईवे जयपुर- भरतपुर वाया मथुरा से शुरू होकर हाथरस, अलीगढ़, कासगंज, बदायूं होते हुए बरेली व पीलीभीत से जुड़ेगा। इसमें मथुरा के 31, हाथरस के 25 व अलीगढ़ के इगलास तहसील के सात गांवों के किसान प्रभावित होंगे।
इन गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण
इगलास तहसील के गांव साथिनी, जवार, नाया, तूरी, पिलखौनियां, मनीपुर, असरोई के किसानों की कुल 54 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग के स्तर से जमीन का सर्वें व थ्री डी का काम पूरा कर लिया गया है। चिन्हित किसानों के नाम, ग्राम पंचायत वार गाटा संख्या व जमीन के क्षेत्रफल का डाटा एकत्रित कर लिया गया है।
मथुरा- बरेली फोरलेन हाईवे निर्माण के लिए थ्री-डी का काम पूरा हो चुका है। अवार्ड घोषित कराने की तैयारी है। इसके बाद अलीगढ़ के सातों गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रभावित किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक का मुआवजा मिलेगा।
- संजीव ओझा, एसडीएम कोल व विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी