पुलिस पूछताछ में ट्रक चालक ने बताया कि दादरी से एक बड़ी गाड़ी में घी के सैकड़ों ड्रम भरकर आए थे। उसे अंकित भाटी नाम के व्यक्ति ने भाड़े पर बुलाया और अलीगढ़ हाइवे के निकट ओवर ब्रिज के पास बड़ी गाड़ी में से 25 ड्रम उसके ट्रक में रखवाकर सिकंदराराऊ के एक पते पर पहुंचाने के लिए कहा। चालक के पास मिली बिल्टी पर सिकंदराराऊ का पता भी दर्ज था। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सिकंदराराऊ जाने का रास्ता जीटी रोड होकर जाता है, जबकि चालक तालानगरी में किसी फैक्टरी का पता पूछने में जुटा था। बता दें कि तालानगरी में चोरी छुपे अवैध धंधे संचालित होते हैं, कई बार मामले उजागर भी हुए हैं। जहरीली शराब कांड के दौरान भी एक नकली घी की फैक्टरी पकड़ी गई थी।
पकड़ा गया घी खाने के लिए नहीं, औद्योगिक प्रयोग का
तालानगरी में मेटाडोर से पकड़ा गया सिंथेटिक देसी घी खाने वाला नहीं है, बल्कि ये खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की जांच में स्क्रैप घी (फूड नहीं औद्योगिक मिलावट के योग्य) पाया गया है। मेटाडोर चालक की बिल्टी पर भी इसके विषय में स्क्रैप घी अंकित पाया गया है। बाजार में इसकी कीमत मात्र साठ रुपये प्रति किलो है। यह घी खाने योग्य नहीं होता। बल्कि औद्योगिक प्रयोग में लिया जाता है। जैसे मोमबत्ती आदि बनाने में यह प्रयोग होता है। इस विषय में जानकारी देते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त दीनानाथ यादव ने बताया कि जांच के बाद यह बात साफ हो गई है कि यह स्क्रैप घी है। यह मिलावटी होता है और खाने योग्य नहीं होता। इसका प्रयोग औद्योगिक इकाइयों में ही लिया जाता है। अब सवाल ये है कि जब बिल्टी नोएडा से सिकंदराराऊ की है तो यह तालानगरी कैसे पहुंचा। इस पर हमारी टीम के साथ-साथ पुलिस, जीएसटी आदि टीमें काम कर रही हैं। उसी अनुसार कार्रवाई भी तय होगी।
यह मामला अभी जांच में है। सैंपल लिए गए हैं। जिसमें अभी तक माल सिंथेटिक समझ में आ रहा है। उसी आधार पर मुकदमे की तैयारी है। वहीं जीएसटी टीम को भी जांच में लगाया गया है। - अमित कुमार भट्ट, एडीएम सिटी
मुखबिर की सूचना पर मेटाडोर पकड़ी गई है। एफडीए टीम ने सैंपल लिए गए हैं। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। माल अभी तक सिंथेटिक लग रहा है। सर्विलांस की मदद भी ली जा रही है।-पलाश बंसल, एसपी देहात