पहली बार 10 साल के लिए महयोजना 2031 लागू की जा रही है। एडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि शासन की ओर से मिलीं आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है।शासन के अनुमोदन होते ही उसे लागू कर दिया जाएगा।
महायोजना-2031 पर आईं पर 570 आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। कुछ आपत्तियों का स्वीकार कर महायोजना में शामिल किया। शासन से भी कुछ खामियां चिह्नित की गईं। इसके आधार संशोधित महायोजना अनुमोदन और मंजूरी के लिए शासन को भेज दी गई है।
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इसे शीघ्र मंजूरी मिलने और अक्तूबर माह से नई महायोजना लागू किए जाने की संभावना जतायी जा रही है। शहरवासी इसका लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। कई भवन निर्माण कार्य भी इसी के इंतजार में अटके हुए हैं। नई महायोजना लागू होने के बाद एडीए की भी आय बढ़ेगी और भवन निर्माण के लिए पास होने वाले नक्शों की संख्या में वृद्धि होगी।
जिले में पहली बार 1980 से 2001 तक के लिए महायोजना 2001 लागू की गई थी। इसमें शहर के आठ किमी दायरे वाले 203 गांवों एवं हरदुआगंज नगर पंचायत को शामिल किया गया था। 2008 में शासन स्तर से एडीए का दायरा बढ़ा दिया गया। 407 नए गांव एवं पांच नगर पंचायतों को शामिल किया गया। बढ़े हुए क्षेत्रफल के लिए महायोजना में कोई संशोधन नहीं हुआ। अब पहली बार 10 साल के लिए महयोजना 2031 लागू की जा रही है। एडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि शासन की ओर से मिलीं आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है।शासन के अनुमोदन होते ही उसे लागू कर दिया जाएगा।