ओम प्रकाश मास्टर अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष बन गए हैं। हालांकि उनके चयन के बाद जिलाध्यक्ष एवं कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय असंतुष्ट हो गए हैं। व्यापारी राजनीति के भीष्म पितामह के नाम से मशहूर ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय के निधन के बाद अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल में विवाद शुरू हो गया है।
स्व. ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष थे। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्होंने जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय को कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष बनाया था। 6 मई को उनका निधन हो गया। मंगलवार को व्यापार मंडल के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक स्व. ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय के आवास पर आयोजित की गई।
इसमें सबकी सहमति से ओमप्रकाश मास्टर को अध्यक्ष एवं भूपेंद्र वार्ष्णेय को महानगर चेयरमैन पद पर नियुक्त किया गया। इस बैठक में भूपेंद्र वार्ष्णेय भी मौजूद थे। स्व. ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय के पुत्र सर्वेश चंद्र वार्ष्णेय को युवा महानगर अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर हाजी सुलेमान, हाजी असलम, विनोद आरबी, भानु प्रकाश गुप्ता, सरदार ढाल सिंह, मुकेश स्टील, हरीबाबू गुप्ता, विशाल भगत, पवन किराना सहित कई वरिष्ठ व्यापारी नेता मौजूद थे।
बैठक के बाद भूपेंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि ओम प्रकाश मास्टर को कार्यवाहक महानगर अध्यक्ष बनाए जाने से संतुष्ट नहीं हैं। स्व. ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय के सामने हुई बैठक में मुझे अध्यक्ष बनाने पर सहमति हुई थी। भूपेंद्र वार्ष्णेय का कहना है कि कुछ पदाधिकारियों ने उनके ऊपर अनैतिक दबाव बनाकर सहमति दिखाई है। बैठक में प्रदेश से नियुक्त वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी नहीं बुलाया गया और न ही उनकी सहमति ली गई।