जिले में भूमाफिया सिस्टम पर हावी दिखाई देते हैं। यही कारण है कि तमाम शिकायतों के बाद भी तहसील और नगर निगम के अधिकारी सरकारी जमीन तथा शत्रु संपत्तियों को कब्जों से मुक्त नहीं करा पा रहे हैं। हालात इस कदर खराब हैं कि नगर निगम और तहसील के अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है। इसी के चलते शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा और विभागों में फाइलों के अंबार लगे हैं। यह भी साफ है कि अफसरों की मिलीभगत से ही जमीनों पर कब्जे हुए हैं।
सीएम के आदेश के बाद खंगाली जा रहीं फाइलें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि शत्रु संपत्तियों का उपयोग गोशाला तथा सामाजिक कार्यों के लिए किया जाए। इसके बाद तहसीलों में शत्रु संपत्तियों की फाइलें खंगाली जा रही हैं। जिले की खैर तहसील में 27, कोल तहसील में 17 और गभाना तहसील में एक शत्रु संपत्ति है। मंंगलवार को भी तहसीलों के कर्मचारी शत्रु संपत्तियों की फाइलें खंगालने में लगे रहे।
शत्रु संपत्ति के स्वरूप को नहीं बदला जा सकता। इस तरह की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।- संजीव रंजन, जिलाधिकारी
शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जों को लेकर मंगलवार को डीएम से मुलाकात की है। डीएम ने एसडीएम कोल से जांच कराकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।- पंडित केशव देव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भ्रष्टाचार विरोधी सेना