महानगर के पॉश मैरिस रोड इलाके के राजेंद्र प्लाजा में फर्नीचर शोरूम के दूसरी मंजिल के गोदाम में भीषण आग लगने से बुधवार दोपहर दो बजे से पांच बजे तक अफरातफरी का माहौल रहा। यहां के कोहिनूर इंटीरियर शो रूम के दूसरी मंजिल के गोदाम में संदिग्ध परिस्थितियों में शार्ट सर्किट से आग लग गई। शो रूम के तीन ओर से दमकल के पहुंचने का कोई रास्ता नहीं था इसलिए आग बुझाने वाले कर्मियाें को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। केवल एक साइड की फ्रंट पोजीशन से सीढ़ियां लगा कर ऊपर की मंजिल का शीशा तोड़कर गोदाम की आग बुझाई गई। इस दौरान गोदाम के ठीक नीचे मैकडोनाल्ड रेस्तरा सहित आसपास के अन्य शोरूमों में अफरा-तफरी मच गई। शाम साढ़े पांच बजे के करीब आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया।
शोरूम बेसमेंट में बना हुआ है। इसके ऊपर पहले माले पर मैकडोनाल्ड रेस्तरा और दूसरे माले पर शोरूम का गोदाम है। शोरूम में ही गोदाम को कवर करता हुआ सीसीटीवी कैमरों का सेट है। इसका मानीटर नीचे लगा है। दोपहर को एक कर्मी ने इसी मानीटर पर गोदाम में आग लगते और धुआं उठते हुए देखा। उसने शोर मचाया तो बाकी कर्मी भी दौड़े। इस बीच 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई तो एसएसपी आफिस पर रहने वाली दमकल मौके पर पहुंची।
थोड़ी देर में दो दमकल और पहुंची। आग बुझाने का काम शुरू हुआ। इस बीच शो रूम के मालिक बृजेश सिंह, हरजीत सिंह निवासी स्वर्ण जयंती नगर भी आ गए। उनके दोस्त और रिश्तेदार भी पहुंचे। यहां के आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। परेशान शोरूम स्वामी को तसल्ली देने में लगे रहे। इस शो रूम के ऊपर मैकडोनाल्ड के रेस्टोरेंट में खाना खा रहे लोग जूते-चप्पल छोड़कर भी भागे। आसपास की दुकानें भी खाली हो गई। लोगों को डर लग रहा था कि भीषण गरमी में आग भड़क न जाए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। शोरूम मालिक के अनुसार लाखों रुपये का फर्नीचर जल गया है। कई ब्रांडेड कंपनियों का फर्नीचर बेचते हैं।
धुआं से बचने को मास्क का सहारा
गोदाम में अंदर घुसने को जब कहीं से रास्ता नहीं दिखाई दिया तो गोदाम का सामने से शीशा तोड़कर अंदर पानी डालने का रास्ता बनाया गया और काफी देर तक धुआं भी दिक्कत दे रहा था। इस पर मास्क का सहारा लेकर कर्मचारी अंदर गए और आग बुझाई।
शार्ट सर्किट आग का कारण, पर नक्शा भी समस्या
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा ने कहा है कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। लेकिन अभी जांच पड़ताल जारी है। इस रोड के किसी भी शो रूम में आग लगने की स्थिति में तीन तरफ का छोड़े जाना वाला रास्ता मौजूद नहीं है। इसलिए आग लगने की स्थिति में काबू पाने में अपेक्षाकृत दोगुना से ज्यादा समय लगा। एडीए को इस संबंध में कई बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शहर के अधिकांश भीड़ वाले बाजारों में पहले से बने और वर्तमान में बन रहे शो रूम और बाजारों में आग बुझाने के लिए सेट बैक (बड़े बहुमंजिला भवन या शो रूम के चारो ओर छोड़ा जाने वाला रास्ता) नहीं छोड़ा जा रहा है।
पार्षद उठाएंगे सेटबैक न होने का मुद्दा
नगर निगम के उपसभापति व इलाके के पार्षद पुष्पेंद्र जादौन ने कहा है कि व्यापारियों को खुद अपनी सुरक्षा के बारे में सोचना होगा कि वो अगर बेसमेंट और सारी जगहों पर केवल माल भरेंगे, व्यापार करेंगे। सेटबैक भी नहीं छोडेंगे तो आग या किसी भी दैवीय आपदा के होने पर राहत एवं बचाव कार्य कैसे होगा..? व्यापारी खुद अपनी जान माल की सुरक्षा के लिए इस बारे में गंभीरता से सोचें। वह खुद अपने स्तर से एडीए और जिला प्रशासन के समक्ष इसका प्रस्ताव रखेंगे। जिससे उनके इलाके के लोग सुरक्षित रह सके।
--------