कांग्रेस से मेयर पद का टिकट मांग रहे पूर्व प्रदेश सचिव मनोज सक्सेना ने शनिवार देर रात पूर्व सांसद एवं जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह के आवास पर पहुंचकर हंगामा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता लाभ लेकर मेयर का टिकट ऐसे आदमी को दिला रहे हैं, जो जनता के बीच जाता ही नहीं है। उनका इशारा मधुकर शर्मा की ओर था, जिनको कांग्रेस ने मेयर प्रत्याशी बनाया है। मनोज के साथ उनकी मां शकुंतला सक्सेना और पत्नी निशी सक्सेना भी थीं। दोनों महिलाओं ने अपने गहने उतारकर विजेंद्र सिंह को देने की कोशिश की।
महिलाओं का कहना था कि अगर लाभ लेकर पूंजीपतियों को टिकट दिया जा सकता है, तो उनके पास कुछ गहने हैं, इनको लेकर ही टिकट दिया जाए। इस पर विजेंद्र सिंह भड़क गए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मेयर और पार्षद पद के उम्मीदवारों का चयन करने की जिम्मेदारी महानगर अध्यक्ष एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल के पास है। उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर मेयर पद के उम्मीदवार का चयन कराया है।
इसमें सीधे तौर पर जिलाध्यक्ष की भूमिका उतनी नहीं है, जितना लोग समझ रहे हैं। जिलाध्यक्ष की भूमिका नगर पालिका और नगर पंचायत के उम्मीदवारों के चयन में है। जिस वक्त यह वाकया हुआ, उस वक्त कांग्रेस के टिकट पर छर्रा विधानसभा से चुनाव लड़ चुके परवेज अहमद भी मौजूद थे।
इस मामले में मनोज सक्सेना ने कहा कि वह अपना दर्द पार्टी के शीर्ष नेताओं के समक्ष भी व्यक्त करेंगे। वहीं महानगर अध्यक्ष विवेक बंसल ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए वह इसमें कुछ नहीं कहना चाहते हैं। गौर हो कि ये पूरा प्रकरण सोशल मीडिया पर रविवार को भी चर्चा में रहा है। टीवी चैनलों में भी ये खबर दिखाई गई।