अलीगढ़ के मंगलायतन विश्वविद्यालय में 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। दीक्षांत समारोह में इस वर्ष 3555 स्नातक विद्यार्थियों, 1780 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा 99 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 27 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और 575 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किए गए। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए नौ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, नौ को रजत पदक तथा 13 विद्यार्थियों को विशेष प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पदक और उपाधि पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए। दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इनको मिल स्वर्ण पदक
यश प्रताप सिंह, सोनाली, दीपांशु, नंदिनी अग्रवाल, सौरभ, अवधेश पासवान, जहान्वी शर्मा, खुशी गुप्ता।
इनको मिले रजत पदक
अंशिका गोयल, साधना शर्मा, मोनिका लवानिया, विधु शुक्ला, उत्कर्ष जैन, भारत शर्मा, पुलकित शर्मा, गरिमा वाष्र्णेय, गुंजन।
इन्हें मिला प्रथम स्थान
शीतल सिंह, ऋषभ जैन, आर्यन, विष्णु अग्रवाल, दीक्षा शर्मा, चेतना सिंह, समन इकबाल, मोहित कुमार।
इन्हें मिला द्वितीय स्थान
वैभवी सिंह, सुमित, इरम, खुशी गुप्ता।
गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थी बोले यह
विद्यार्थी जीवन में गोल्ड मेडल प्राप्त करना अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। यह मेरे जीवन का ऐसा यादगार क्षण है जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगी। इस सफलता के पीछे विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और मेरी निरंतर मेहनत रही है।
- सोनाली, छात्रा
गोल्ड मेडल पाकर बेहद खुशी की अनुभूति हो रही है। मेरा मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। जो विद्यार्थी अपने सपनों को नई उड़ान देना चाहते हैं, उनके लिए मंगलायतन विश्वविद्यालय एक उत्कृष्ट संस्थान है।
-प्रेरित टंडन, छात्र
बिना अनुशासन और कड़ी मेहनत के सफलता की कल्पना करना संभव नहीं है। यह पुरस्कार केवल मेरे व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि मेरे माता-पिता के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का भी प्रतिफल है, जिन्होंने हर कद पर मेरा उत्साह बढ़ाया।
- नंदिनी अग्रवाल, छात्रा
मेरे लिए यह स्वर्ण पदक केवल सम्मान नहीं, बल्कि आगे की राह में निरंतर बेहतर करने की प्रेरणा भी है। विश्वविद्यालय में बिताया गया समय हमेशा यादगार रहेगा। हमें अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। -
सौरभ, छात्र