नाबालिग घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान पता चला कि दीपू उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले गया है। आरोपी ने पीड़िता को नाबालिग होने के बावजूद ब्लैकमेल किया, उसके फोटो वायरल करने की धमकी दी और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया।
अलीगढ़ के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-02 ने एक नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी देवेंद्र उर्फ दीपू को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत ने 20,000 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान की जाएगी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 20 दिसंबर 2024 की है। थाना टप्पल क्षेत्र के वादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री घर से सामान लेने निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। खोजबीन के दौरान पता चला कि दीपू उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर ले गया है।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीश हरेन्द्र कुमार ओझा ने पाया कि आरोपी ने पीड़िता को नाबालिग होने के बावजूद ब्लैकमेल किया, उसके फोटो वायरल करने की धमकी दी और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया। इसी आधार पर उसे दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई।