थाना क्वार्सी क्षेत्र के चिलकौरा नगलिया में हुए सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने महज 30 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। भाजयुमो नेता के पिता और पेट्रोल पंप संचालक निरोत्तम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कन्हैया व उसके तीन सगे भाई प्रमोद उर्फ अच्छू, नंदा, अजय व एक अन्य सहयोगी को बुधवार देर रात दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी कन्हैया ने बताया कि उसने निरोत्तम सिंह से अपने निर्माणाधीन मकान के लिए 70,000 रुपये उधार मांगे थे। पहले हामी भरने के बाद जब निरोत्तम सिंह ने रुपये देने से मना कर दिया, तो आरोपियों ने क्षुब्ध होकर उन्हें ठिकाने लगाने की योजना बनाई। घटना वाले दिन आरोपियों ने पहले शराब का सेवन किया और फिर बुजुर्ग की हत्या कर दी।
हत्यारोपी और मृतक का परिवार एक-दूसरे को वर्षों से जानते थे। आरोपियों का मकान निरोत्तम के घर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर है। इससे पहले दोनों परिवारों के पुराने मकान भी आमने-सामने ही थे। पुरानी जान-पहचान के बावजूद रुपयों के लालच और गुस्से ने इस वारदात को अंजाम दिलवाया।
पुलिस के अनुसार पंकज सिंह ने तहरीर दी थी कि 21 अप्रैल 2026 को उनके पिता निरोत्तम सिंह को पड़ोसी कन्हैया स्कूटी पर बैठाकर अपने निर्माणाधीन मकान पर ले गया था। वहां कन्हैया ने अपने तीन भाइयों के साथ मिलकर उनके पिता की हत्या कर दी और शव को कमरे में बंद कर ताला लगा दिया था। खोजबीन के दौरान परिजनों को घटना की जानकारी हुई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया।
निरोत्तम हत्याकांड में आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 70 हजार रुपये उधार नहीं देने पर निरोत्तम की हत्या की गई। आरोपियों में से तीन कन्हैया, प्रमोद और नंदा का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। - सर्वम सिंह, सीओ तृतीय