धीरज-गोलू के सोशल मीडिया अकाउंट हुए डिलीट
पुलिस जांच में उजागर हुआ है कि इस घटना से कुछ देर पहले तक नामजद धीरज व गोलू के सोशल मीडिया एकाउंट सक्रिय थे। मगर घटना के कुछ देर बाद ही दोनों के इंस्टाग्राम व फेसबुक पर सक्रिय सोशल मीडिया एकाउंट डिलीट हो गए हैं। उनसे सारा डाटा गायब हो गया है। इसलिए यह भी जानने में मुश्किल हो रही है कि दोनों के किन किन लोगों से संपर्क थे। फिलहाल पुलिस उनके परिजनों, रिश्तेदारों से संपर्क में है। साथ में सोशल मीडिया अकाउंट का पुराना डाटा निकलवाया जा रहा है।
पुलिस निगरानी में चल रहा पृथ्वी का उपचार
इस घटना में घायल पृथ्वी के विषय में जांच में उजागर हो हुआ है कि हत्या पृथ्वी की होनी थी। चूंकि अंशू वहां था। उसके परिवार का विजेंद्र तोमर भी धीरज पर हमले में पृथ्वी के साथ जेल गया था। इसलिए दोनों पर गोली चला दी गई। पृथ्वी बच गया, जबकि अंशू की जान चली गई। इधर, अंशू के पिता ने पृथ्वी पर ही हत्या कराने का आरोप लगाया है। इसलिए पुलिस ने उसे निगरानी में रखा हुआ है। अभी उसे क्लीनचिट नहीं दी गई है।
कॉलेजों में गुंडई के खिलाफ उठी आवाज
अलीगढ़ महानगर के प्रमुख डीएस व एसवी कॉलेज में आपराधिक गतिविधियों के बढ़ने व अब हत्या होने पर कॉलेजों में गुंडई पर रोकथाम की आवाज उठने लगी है। इसे लेकर रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने विभाग संगठन मंत्री विश्वेन्द्र, प्रदेश सह मंत्री खुशी सिंह व महानगर मंत्री पीयूष भारद्वाज की अगुवाई में प्रभारी एसपी सिटी को ज्ञापन दिया गया। साथ में आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान ज्ञापन में कहा गया कि प्रमुख कॉलेजों के बाहर और भीतर बाहरी अराजक तत्वों का जमावड़ा निरंतर बढ़ रहा है। ये तत्व न केवल शैक्षणिक अनुशासन भंग कर रहे हैं, बल्कि छात्राओं के साथ अभद्रता और सामान्य छात्रों को डराने-धमकाने का कार्य भी कर रहे हैं। एबीवीपी ने मांग की है कि संदिग्धों की पहचान कर उन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा अनफिट वाहनों पर भी कार्रवाई की मांग की गई। इसमें सीधे सीधे आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस अवसर पर जतिन आर्य, यथार्थ सिंह, अमन, आकाश, दीपक, विवेक आदि थे।
कॉलेजों के बाहर पुलिस सक्रियता बढ़ाने के निर्देश
इस घटना के बाद एसएसपी स्तर से दोनों प्रमुख कॉलेजों के बाहर पुलिस सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि कालेज प्रशासन के अधिकारियों से वार्ता कर ऐसी व्यवस्था की जाए कि बेवजह बाहरी तत्व कॉलेजों में प्रवेश न कर सकें। साथ में कालेजों के आसपास के कैफे व चाय आदि की दुकानों पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।