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अटकने लगीं कुपोषित आरोही की सांसें तो कराया भर्ती

Thu, 01 Feb 2018 01:55 AM IST
अभिषेक शर्मा, न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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ये है 6 साल की आरोही जिसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम बीते 4 वर्ष में आरोही तक भी नहीं पहुंच सका। मगर अमर उजाला के अभियान के तहत इस कुपोषित बच्ची को खोज लिया। आज आरोपी साढ़े छह वर्ष की है और जन्म से ही शारीरिक विकास में देरी  के चलते कुपोषण के लाल घेरे में है। बुधवार को सांस अटकने पर आरोही को मेडिकल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। बुधवार को ही अमर उजाला के प्रयास से अतरौली सीएचसी पर आरोही की स्क्रीनिंग कराई गई थी।
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आरोही अतरौली कस्बे में वार्ड 19 के छिपैटी मोहल्ले की है। इस बच्ची की मां गजल वार्ष्णेय की मानें तो वह बेटी के जन्म से ही रात को सो नहीं पाई हैं। बकौल गजल वार्ष्णेय आरोही के हाथ पैर शुरू से ही बहुत पतले और अकड़े हुए हैं। ठीक से कुछ खा भी नहीं पाती। 

अक्सर तबियत खराब रहती है। करीब 2 वर्ष पूर्व अपने प्रयास से मेडिकल कॉलेज में दिखाया था। निजी डॉक्टर्स को भी दिखा चुकी हैं, लेकिन कोई लाभ नहीं। न ही आज तक कोई टीम या सरकारी योजना उन तक पहुंची है। 
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अमर उजाला की पड़ताल के दौरान गजल वार्ष्णेय को जानकारी हुई कि बच्चे को डीईआईसी में पंजीकृत कराना है। पिछले दो दिन से आरोही की तबियत बिगड़ी हुई है। मंगलवार को ही अमर उजाला ने इस अभियान के एक सहयोगी को सक्रिय कर आरबीएसके टीम से अतरौली सीएचसी पर आरोही की स्क्रीनिंग कराई है। तबियत ज्यादा बिगड़ने पर बुधवार को 108 एंबुलेंस की मदद से मेडिकल इमरजेंसी में भर्ती भी कराया। साथ ही डीईआईसी में पंजीकृत भी करा दिया गया है।

निःशुल्क होंगी जांचें
आरोही की इस हालत ने उसके माता पिता को आर्थिक रूप से भी कमजोर किया है। यदि मंगलवार को आरबीएसके टीम का स्क्रीनिंग कार्ड आरोही को न मिलता तो मेडिकल में तमाम जांचों का शुल्क भी अदा करना पड़ता, लेकिन स्क्रीनिंग कार्ड के आधार पर आरोही डीईआईसी में पंजीकृत होने से उसकी सभी जांच नि:शुल्क होंगी। डीईआईसी के मेडिकल अफसर डा. इश्तियाक मानवता वश भी ऐसे जरूरतमंद बच्चों की पूरी मदद करते हैं।

पर नहीं मिलेगा एनआरसी का लाभ
क्योंकि आरोही साढे़ 6 वर्ष की हो चुकी है, इसलिए दुर्भाग्यवश एनआरसी में पोषण का लाभ नहीं ले पाएगी। एनआरसी में 4 वर्ष 11 माह तक के लाल घेरा बच्चों को ही 14 दिन पोषण देने का प्रावधान है। यदि 5 साल की होने से पहले ही ये योजना आरोही तक पहुंच जाती तो उसे भर्ती रखकर पोषण भी दिया जाता। हालांकि आरोही अब भी कुपोषित है। एनआरसी की न्यूट्रिशनिष्ट डा. अंजली ने बताया कि आरोही के परिवार को पोषण काउंसलिंग का लाभ दिया जाएगा।
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