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अब नजर मलखान सिंह हत्याकांड के फैसले पर

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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू । - फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा
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पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू को अभी और कानूनी उलझनों से दो-चार होना पड़ सकता है। जिला पुलिस की नजर गुड्डू के ऊपर चल रहे 15 साल पुराने पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड के उस बहुचर्चित मुकदमे पर पड़ गई है, जिसका अभी तक निस्तारण नहीं हुआ। सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर क्यों? इसे लेकर उस मुकदमे के निस्तारण की मॉनीटरिंग शुरू करा दी गई है। बुलंदशहर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में चल रहे मुकदमे में अभियोजन के जरिये तेजी से निस्तारण के प्रयास शुरू करा दिए गए हैं।
20 मार्च 2006 की शाम इगलास के पूर्व विधायक व उनके सुरक्षा गनर की क्वार्सी क्षेत्र की ज्ञान सरोवर कॉलोनी स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। उस समय हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में तेजवीर सिंह गुड्डू, उनके साले मौजूदा ब्लाक प्रमुख गोंडा प्रदीप सिंह, सोनू गौतम, रॉबी कलाई सहित अन्य कई आरोपी हैं। बाद में इस मुकदमे का ट्रायल हाईकोर्ट के निर्देश पर बुलंदशहर स्थानांतरित हो गया। तभी से मुकदमा बुलंदशहर जिला जज की अदालत में विचाराधीन है।
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एसएसपी मुनिराज जी के अनुसार क्वार्सी थाने के हिस्ट्रीशीटर गुड्डू पर 42 मुकदमे दर्ज हैं। उनके परीक्षण में जब पाया गया कि पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में अभी तक निर्णय नहीं आया है। इस पर बुलंदशहर के अभियोजन अधिवक्ताओं से बातचीत की गई है। साथ में मॉनीटरिंग सेल में भी इस प्रकरण पर चर्चा कराई गई है। अब इस मुकदमे की हर दिन प्रगति की मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द इस मुकदमे का निस्तारण हो जाए। प्रदेश अभियोजन मुख्यालय में भी इस संबंध में बातचीत की गई है।
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हमले में कार्तिक को सशर्त जमानत
आगरा रोड के नामचीन कारोबारी पर हमले के मुकदमे में तेजवीर सिंह गुड्डू के दूसरे बेटे कार्तिक चौधरी की जमानत सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से मंजूर कर ली गई है। इसमें कुछ शर्त खोली गई हैं। अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार कारोबारी पर हमले के मुकदमे में कार्तिक ने न्यायालय में सरेंडर किया था। इसी मामले में सत्र न्यायाधीश ने जमानत मंजूर कर ली है।
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