पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आगामी विधानसभा चुनाव में 265 का लक्ष्य हासिल कर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए अपना बूथ सबसे मजबूत का नारा बूथ अध्यक्षों को दिया। वाजपेयी शुक्रवार को एसवी कॉलेज के रघुनाथ हॉल में शहर विधानसभा के बूथ अध्यक्षों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बूथ अध्यक्षों का आह्वान किया कि मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क करें। उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ जनता को मिलेगा। उन्होंने कहा कि 1996 के बाद शहर विधानसभा की सीट हम नहीं जीत पाए हैं। आप लोगों का उत्साह एवं जोश देखकर लगता है कि इस बार अलीगढ़ का शेर (विधायक) विधानसभा में पहुंचेगा।
कार्यक्रम में 280 में से 266 बूथ अध्यक्ष एवं सभी 39 सेक्टर प्रमुख मौजूद रहे। कार्यक्रम में शहर के गांधीनगर, महावीरगंज एवं रघुवीरपुरी मंडल के बूथ अध्यक्ष, सेक्टर प्रभारी एवं मंडल अध्यक्ष शामिल हुए। अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत एवं संचालन मानव महाजन ने किया।
इस अवसर पर मेयर शकुंतला भारती, सांसद सतीश गौतम, भानुप्रताप सिंह, डॉ. राजीव अग्रवाल, सुनील पांडेय, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, चौ. नत्थी सिंह, वीएस पाल, मनीष राय, रीता राजपूत, शैलेंद्र गुप्ता, पवन खंडेलवाल, राजीव शर्मा, आशुतोष वार्ष्णेय, पूनम बजाज, मुकेश मांची, यतेंद्र बाई के, प्रमोद गौड़, मनोज शर्मा, मधु आंधीवाल आदि थे।
एसवी कॉलेज में आयोजित भाजपा बूथ अध्यक्षों की बैठक में स्थानीय कार्यकर्ता को टिकट के सवाल पर विवाद हो गया। दरअसल कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लक्ष्मीकांत वाजपेयी की मौजूदगी में संवाद चल रहा था। उसी दौरान कौशलेंद्र गुप्ता नामक कार्यकर्ता ने कहा कि टिकट स्थानीय कार्यकर्ता को मिलना चाहिए।
बाहर के नेता को शहर में नहीं थोपा जाए। इस पर लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उन्हें बैठा दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि आप कौन हो। तब कौशलेंद्र गुप्ता ने अपना परिचय दिया और कहा कि वे पूर्व महानगर अध्यक्ष भगवान दास नेताजी के पुत्र हैं और स्वयं भी मंडल में पदाधिकारी रह चुके हैं। उसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।
अलीगढ़। विधान सभा के बूथ अध्यक्षों की बैठक के सिलसिले में दो दिन के लिए अलीगढ़ पहुंचे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के समक्ष चेहरा चमकाने में टिकट के दावेदार जुटे रहे। सुबह में रामघाट रोड स्थित होटल आभा रीजेंसी में पहुंचे तो स्वागत करने वालों का तांता लगा था। इसमें अधिकतर वैसे लोग नजर आए जो किसी न किसी विधान सभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार हैं।