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डॉक्टर बनना चाहती थी माही: बाथरूम में गई नहाने, गीजर से घुटा दम, स्कूल में पहुंची मौत की सूचना, रो पड़े दोस्त

Sat, 21 Dec 2024 02:50 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

12वीं की छात्रा माही बाथरूम में नहाने गई। गैस गीजर से उसका दम घुट गया और वह दुनिया छोड़ कर चली गई। माही का डॉक्टर बनने का सपना भी उसके साथ ही चला गया। 
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छात्रा माही सिंह की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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12वीं के बाद माही का ख्वाब डॉक्टर बनना था, इसलिए वह 10वीं के बाद पीसीबी (भौतिक, रसायन व जीव विज्ञान) लेकर पढ़ाई कर रही थीं। वह गणित से डरती थीं, जैसे ही वह कक्षा 11 में पहुंचीं। उन्होंने गणित के बजाय पीसीबी से पढ़ाई शुरू कर दी। परिजनों का कहना है कि उनको गणित से डर लगता था। वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती थीं। उधर, स्कूल में शोकावकाश घोषित कर दिया। माही की मौत से उसके साथ पढ़ने वाले दोस्त रो पड़े।

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दो साल पहले भी छात्रा हो गई थी बेहोश
दूसरी बार गैस गीजर से माही का दम घुटा है। पहली बार वर्ष 2022 में बाथरूम में नहाने के दौरान वे बेहोश हो गईं थीं। संयोग से परिजन घर पर थे, उनके गिरने की आवाज सुन कर परिजनों ने बाथरूम का दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। तब से बाथरूम के दरवाजे पर सिटकनी नहीं लगाई गई थी। मगर, गैस गीजर को दुरुस्त नहीं कराया गया था। इस बार दम घुटने से माही बाथरूम में मरणासन्न मिलीं और गैस गीजर चालू मिला।
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रामेश्वर की यात्रा पर हैं दादा-दादी
माही के दादा मुनीष सिंह और दादी सरोज देवी तीर्थधाम रामेश्वर की यात्रा पर हैं। वह 13 दिसंबर को यात्रा के लिए रवाना हुए थे। 23 दिसंबर को उनकी वापसी है। उन्हें माही की मृत्यु की सूचना दे दी गई है। माही के परिवार में बड़ा भाई माधव सिंह हैं, जो बीटेक कर रहा है।

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मौत की वजह बनी बंद खिड़की

माही की मौत की वजह बंद खिड़की बनी। 6 गुणा 8 फुट में घर में लेट-बाथ है। इसमें एक गुणा 1.5 फुट की खिड़की है, जो बंद थी। ठंड की वजह से खिड़की बंद कर दी गई थी। बाथरूम में ऑक्सीजन कम होने और कार्बन मोनो ऑक्साइड बढ़ने की वजह से माही मरणासन्न हो गईं।



गैस गीजर के इस्तेमाल से बचें
जेएन मेडिकल कॉलेज के चेस्ट व टीबी डिपार्टमेंट के चेयरमैन प्रो. मोहम्मद शमीम ने बताया कि बाथरूम में गैस गीजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। बंद बाथरूम में गैस गीजर ऑक्सीजन को खत्म कर देता है, जिसकी वजह से व्यक्ति की मौत हो जाती है। आईएमए के संयुक्त सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय ने बताया कि गैस गीजर के बजाय बिजली से चलने वाले गीजर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। गैस गीजर जानलेवा साबित होता है।

ऑक्सीजन को बदलता है कार्बन मोनो ऑक्साइड में
एएमयू के रसायन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. इशात मोहम्मद खान ने कहा कि गैस गीजर जब चलता है, तो वह आसपास की ऑक्सीजन को खींचता है। ऑक्सीजन खत्म होकर कार्बन मोनोऑक्साइड में बदल जाती है। कार्बन मोनोऑक्साइड जहरीली गैस है। कार्बन मोनोऑक्साइड रक्त कणिकाओं में मौजूद होमोग्लोबिन अणुओं से संयोग करती है। उन्हें शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन पहुंचाने से रोकती है। इससे व्यक्ति की मौत हो जाती है।
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गीजर के इस्तेमाल में बरतें सावधानी

इलेक्ट्रिकल्स एसोसिएशन अलीगढ़ के संयुक्त महामंत्री विनोद पीएल ने बताया कि हर तकनीकी उत्पाद के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। बिजली की तुलना में गैस गीजर सस्ता है। गीजर के इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए।

गैस गीजर के नुकसान
इसमें गैस लीक होने का खतरा रहता है। इसका उपयोग करते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखना जरूरी है। गैस गीजर से कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है। अगर बाथरूम में वेंटिलेशन कम है, तो इससे ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और दम घुटने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं गैस के कारण ये फट भी सकता है।

इसका रखें ध्यान
-बाथरूम में नहाने से पहले पानी गर्म करके गीजर बंद कर दें
-गीजर को बीच-बीच में विशेषज्ञ से चेक कराते रहने चाहिए
-नहाने के दौरान बाथरूम का दरवाजा पूरी तरह से बंद न करें
-बाथरूम में गीजर है तो खिड़कियों को बंद न रखें
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