रात 2 बजे अमर उजाला टीम पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय पहुंची। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नहीं मिले।इमरजेंसी में भर्ती मरीज रजनी ने बताया कि वह छह बजे शाम को यहां आई थीं। उन्हें चार ग्लूकोज की बोतल लगनी थीं, लेकिन एक ही बोतल चढ़ सकी है। तीमारदारों ने बताया कि नर्स भी इमरजेंसी वार्ड में नहीं थी। वह विश्राम कक्ष में मिलीं। ग्लूकोज बोतल चढ़ाने की बात कही तो बिफर गईं। बोलीं, जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाएं। इस बात पर नोकझोंक भी हुई। बाद में तीमारदार मरीज को निजी अस्पताल ले गए। पहली मंजिल पर वार्ड के सामने गलियारों में तीमारदार कुछ सोते-जागते मिले। हालांकि वह कंबल ओढ़े थे, लेकिन सर्द हवाओं से ठिठुर रहे थे। दूसरी मंजिल पर भी तीमारदाराें का यही हाल था। कासगंज के मुकेश कुमार ने बताया कि उनका मरीज भर्ती है। अंदर अनुमति नहीं है, इसलिए बाहर लेटे हैं। वह ठंड से परेशान हैं। इसके बाद डेंगू वार्ड में अपनी कुर्सी से नर्सिंग स्टाफ गायब मिला। पहली मंजिल पर एक बाइक भी खड़ी मिली। पूछे जाने पर कोई नहीं बता सका कि बाइक किसकी है। मरीज नरेंद्र कुमार, संतोष कुमार ने बताया कि 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही डॉक्टर देखने आते हैं।
रात 2:20 बजे जिला अस्पताल
डीडीयू के बाद टीम रात 2:20 बजे मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंची। बच्चा वार्ड में चार मरीज भर्ती मिले। नर्सिंग स्टाफ अपनी कुर्सियों पर नहीं मिला। इसी तरह वार्ड नंबर-8 में नर्सिंग स्टाफ अपनी कुर्सी पर नहीं मिला। वार्ड नंबर-3 में भर्ती मरीज अजीत सिंह ने स्मार्टफोन चोरी होने का जिक्र अमर उजाला टीम से किया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे चेक कराने के लिए कहा, लेकिन किसी ने उन्हें उसकी फुटेज नहीं दिखाई। वहां तैनात कर्मी ने सुबह सीएमएस कक्ष में लगे डीवीआर को दिखाने की बात कही। रात 2:40 बजे इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नहीं मिले। वार्ड में एक शख्स थे, जिनसे डॉक्टर के बारे में पूछा तो बताया कि तुम्हें क्या दिक्कत है। पेट में दर्द बताने पर गोली लिख दी। अगर ज्यादा दिक्कत है, तभी डॉक्टर बुलाएंगे।
रात 2:35 बजे महिला अस्पताल
मोहनलाल गौतम जिला अस्पताल में रात 2:35 बजे टीम पहुंची। दोनों अस्पतालों से यहां नर्सिंग स्टाफ दो कदम आगे मिला। तीन मंजिलों पर नर्सिंग स्टाफ अपनी कुर्सियों में पर नहीं था। दीवारों पर बिजली के स्विच बोर्ड उखड़े मिले। आग बुझाने वाली बाल्टियों में बालू नहीं था। एक अग्निशमन यंत्र लटक रहा था, जिसकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर नहीं मिलीं। यहां के सुरक्षाकर्मी ने टीम के सदस्य से परेशानी पूछी। बोला-अगर किसी महिला को दिक्कत है, तो डॉक्टर बुलाएं।