रमजान महीने में अंतिम शुक्रवार को जामा मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी गई। नमाज के दौरान इमाम मिम्बर पर इमाम ने खुतबे में माहे रमजां अलविदा... अलविदा पढ़ा, जिसे सुनकर रोजेदारों की आंखें नम हो गईं।‘खड़े हो गए एक ही सफ में महमूद-ओ-अयाज, न कोई बंदा रहा और न ही बंदा नवाज’। यह नजारा ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में देखने को मिला। जामा मस्जिद में इमाम जुमा मुफ्ती महमूद-उल-हसन ने रमजान की फजीलत का जिक्र किया है। फजीलत सुनकर रोजेदारों की आंखें नम हो गईं, क्योंकि बरकत, रहमत और मगफिरत वाला महीना कुछ दिनों में उनसे विदा हो जाएगा। कारी शागिल ने नमाज पढ़ाई। नमाज के बाद उन्होंने शहर व मुल्क के लिए शांति और खुशहाली की दुआ की। अगर 30 रोजे हुए, तो एक बार फिर जुमा अलविदा की नमाज 15 जून को होगी।
ईद की नमाज के वक्त का एलान
जामा मस्जिद में शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि जुमा अलविदा नमाज के हिसाब से ईद 15 जून को होगी। 16 जून को ईद होगी यह चांद पर निर्भर है। उन्होंने ईद की नमाज के वक्त का एलान किया। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे नमाज होगी। ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद में सुबह 8 बजे नमाज पढ़ी हो जाएगी। ऊपर कोट स्थित बू अली शाह मस्जिद में 8:15 बजे नमाज होगी।
बाजार में रौनक और बढ़ी
जुमा अलविदा नमाज के बाद बाजारों में रौनक और बढ़ गई है। खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी है। ऊपरकोट हो या अमीर निशां का बाजार। सब जगह सामान्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ बढ़ गई है। ईद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सिवईं की जमकर खरीदारी हुई। उधर, महिलाएं खरीदारी में जुटी रहीं। कपड़े, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, सैंडिल की बिक्री में तेजी आई है।