किशोरियों की मौत पर विलाप करते परिजन।
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सिल्ला विसावनपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब साढे़ आठ बजे ढाय ढहने से दो किशोरियां मिट्टी के ढेर में दब गईं। साथ में मौजूद महिलाओं की चीख पुकार सुनकर दौडे़ ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला। इसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरी ने इलाज के दौरान मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के दो घंटे बाद एम्बुलेंस आई। यदि वह समय से आ जाती तो एक किशोरी की जान बच सकती थी।
थाना क्षेत्र के गांव सिल्ला विसावनपुर की पूनम (15) पुत्री रोहन सिंह तथा पूनम (17) पुत्री ओमप्रकाश सहेलियां थीं। दोनों सुबह करीब साढे़ आठ बजे गांव की ही अन्य महिलाओं के साथ लिपाई-पुताई के लिए मिट्टी लेने के लिए नदी किनारे गईं थीं। वे जब मिट्टी निकाल रही थीं तभी करीब दस फुट ऊंची ढाय दोनों के ऊपर आ गिरी, जिसमें दोनों दब गईं। यह देख साथ की महिलाओं ने मदद के लिए चीखना शुरू कर दिया। चीख पुकार सुनकर दौडे़ ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर ओमप्रकाश की पुत्री पूनम को बाहर निकाल लिया।
जब पूनम ने सहेली के दबे होने की जानकारी दी तो ग्रामीणों ने मिट्टी हटाकर कुछ ही देर में पूनम पुत्री रोहन सिंह को भी बाहर निकाला पर उसकी मौत हो गई थी। घायल पूनम को इलाज के लिए ग्रामीणों ने एम्बुलेंस को फोन किया लेकिन जब दो घंटे बाद भी वह नहीं पहुंची तो परिजन निजी वाहन से ही उसको लेकर चल पड़े।
रास्ते में मिली एम्बुलेंस से उसे सीएचसी पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे दीनदयाल अस्पताल भेज दिया गया। कुछ समय बाद ही दीनदयाल के डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। एम्बुलेंस के अभाव में परिजन टिर्री से ही किशोरी को लेकर मेडिकल कालेज पहुंचे जहां इलाज के दौरान इस किशोरी ने भी दम तोड़ दिया। एक ही दिन दो किशोरियों की मौत से गांव में कोहराम मच गया। देर शाम परिजनों ने किशोरियों का अंतिम संस्कार कर दिया।