सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी पहले ऐसे व्यक्ति थे जिनको अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ की आजीवन सदस्यता दी गई थी। कई बार महात्मा गांधी का अलीगढ़ आगमन हुआ। बापू की पुण्यतिथि 30 जनवरी पर विश्वविद्यालय और यहां के छात्र संघ से जुड़ी उनकी स्मृतियां भी ताजा हो गई हैं।
एएमयू के इतिहास के मामलों के जानकार डॉ. राहत अबरार कहते हैं कि 1925 में वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय आए और यहां पर छात्र संघ ने उनको मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। महात्मा गांधी उस समय स्वतंत्रता आंदोलन से युवाओं को जोड़ने के लिए परिश्रम कर रहे थे। यहीं पर उनको आजीवन छात्र संघ की सदस्यता दी गई। जिक्र मिलता है कि उस समय महात्मा गांधी ने अपील की थी कि छात्र अंग्रेजों से मिलने वाली सहायता को स्वीकार न करें।
डॉ. अबरार कहते हैं कि इसके अलावा महात्मा गांधी उस समय राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय अब्दुल मजीद ख्वाजा के आवास पर भी गए थे। गांधी उनके आवास पर कई दिनों तक रुके। मौजूदा समय में जो विश्वविद्यालय का एकेडमिक टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर है, वह उस समय अब्दुल मजीद ख्वाजा का आवास हुआ करता था। यहां पर राष्ट्रीय आंदोलन के संबंध में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उस समय राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े कई बड़े नेता भी महात्मा गांधी के साथ आए थे।
बापू के हाथ से लिखा गया पत्र एएमयू में सुरक्षित
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी से जुड़ी हुई कुछ वस्तुएं संरक्षित हैं। सर सैयद एकेडमी में महात्मा गांधी के हाथ से लिखा उर्दू का पत्र संरक्षित है। साथ ही महात्मा गांधी के द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले अखबारों की कुछ प्रतियां भी मौजूद हैं। इस तरह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने महात्मा गांधी की स्मृतियों को बहुत सहेज कर रखा हुआ है।