एएमयू के उर्दू एकेडमी के पूर्व निदेशक डॉ. राहत अबरार ने बताया कि वर्ष 1925 में गांधीजी ने खादी के कपड़े को इस्तेमाल करने की अपील की थी, जिसका असर छात्रों पर खूब पड़ा, जिन्होंने स्ट्रेची हॉल के सामने विदेशी कपड़ों को आग लगा दी।
गांधीजी का अलीगढ़ से था भावनात्मक रिश्ता
डॉ. राहत ने कहा कि मौलाना शौकत अली के खिलाफत मूवमेंट को उन्होंने समर्थन दिया था। गांधीजी का अलीगढ़ से भावनात्मक रिश्ता था। गांधीजी जब भी अलीगढ़ आए वह मुस्तफा कमाल शेरवानी की कोठी (अलीगढ़ पब्लिक स्कूल) और राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अब्दुल मजीद ख्वाजा की (यूनिवर्सिटी के एकेडमिक टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर) कोठी पर ठहरते थे