समाजवादी पार्टी में मेयर, पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए टिकट के दावेदारों में कड़ा मुकाबला हो रहा है। सबसे बड़ी जंग मेयर पद को लेकर हो रही है। सोमवार को निकाय चुनाव के पर्यवेक्षक बनकर आए मैनपुरी के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. दीप सिंह पाल के सामने मेयर पद के लिए 13 दावेदार सामने आए।
खास बात ये है कि सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व शहर विधायक जफर आलम का आवेदन 13 लोगों की सूची में शामिल नहीं है। हालांकि उनकी पर्यवेक्षक से बंद कमरे में दो बार दो घंटे तक वार्ता हुई है। सूत्रों की मानें तो सपा के नेताओं का रुझान किसी अन्य जुझारू दावेदार की ओर बन रहा है।
इस बीच चार नगर पंचायतों में से कोई भी दावेदार सामने नहीं आया। इस दौरान सपा कार्यालय पर एक के बाद एक दावेदार जुलूस लेकर पहुंचते रहे। अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारों के साथ पूरा कार्यालय गूंजता रहा। बाइक, कार, टेंपो और दूसरे वाहनों में सपा के झंडे लहराते हुए जुलूस की शक्ल में दावेदार कार्यालय पहुंचे।
जिलाध्यक्ष का कक्ष और अंदर का वार्ता कक्ष खचाखच भरा था। पर्यवेक्षक को भी मीडिया से बात करने के लिए भीड़ से जूझना पड़ा। यहां महानगर उपाध्यक्ष थान सिंह यादव, जिला उपाध्यक्ष शान मियां, आशीष मोहन यादव, शीलू ठाकुर, मो. सालिम, मो. असलम, कृपाल सिंह यादव, दिनेश यादव, यामीन खां, हरीश गुप्ता सहित कई नेता उपस्थित रहे।
दोपहर बाद जफर आलम, पूर्व कबीना मंत्री ख्वाजा हलीम, जिला महामंत्री कुंवर बहादुर बघेल, जिलाध्यक्ष अशोक यादव के बीच गोपनीय वार्ता हुई। इससे पहले कक्ष में सलमान शाहिद और पर्यवेक्षक के बीच लंबी बातचीत हुई। इस वार्ता के बाद पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष के आवास पर गए। जहां दोपहर के भोज के बाद फिर से वार्ता की गई। शाम को पर्यवेक्षक मैनपुरी रवाना हो गए।
पर्यवेक्षक दीप सिंह पाल ने बताया कि सपा का बुलेटिन लेने वाले और सक्रिय सदस्य ही आवेदन करने के योग्य हैं। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि आवेदन ले लिए गए हैं। अब प्रदेश नेतृत्व को प्रमुख नाम भेज जाएंगे। चुनाव की घोषणा होने से पहले प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी। प्रदेश स्तर पर बनी कमेटी में प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम, पूर्व कबीना मंत्री अहमद हसन, पूर्व मंत्री एसआरएस यादव, राजेंद्र चौधरी आवेदनों की स्क्रीनिंग करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की अंतिम मुहर लगेगी।
जिलाध्यक्ष के पास नहीं आया जफर आलम का आवेदन
जिलाध्यक्ष के पास जो सूची बनी है, उसमें सपा से मेयर पद के लिए चर्चित दावेदार पूर्व शहर विधायक जफर आलम का आवेदन शामिल नहीं है। हालांकि जफर आलम का नाम प्रबल दावेदारों में शुमार है।
इनके आए आवेदन
- अलीगढ़ नगर निगम मेयर पद के लिए युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सचिव राजेश सैनी, अहमद सईद सिद्दीकी, पूर्व में खैर से चुनाव लड़ चुके प्रशांत वाल्मीकि, पूरन मल प्रजापति, डा. बादशाह खान, प्रभात कुमार सविता, शाह फैसल, डा. गुलिस्ताना, मुनेश कुमार मनीष, अतीत अग्रवाल।
- खैर नगर पालिका से अध्यक्ष पद के लिए डोरी लाल कुशवाह, राजेश कुमार आवेदक हैं। अतरौली नगर पालिका से अध्यक्ष पद के लिए डा. कबीर खान, साजिदा बेगम (वर्तमान अध्यक्ष), हस्बुन निशा, डा. इरशाद खां और सुबोध कुमार शर्मा ने आवेदन किया है।
- जलाली नगर पंचायत से तहसीलदार यादव, राम स्नेही, कौड़ियागंज नगर पंचायत से इरफान खां (वर्तमान अध्यक्ष), निशा, नसरुद्दीन खां ने अध्यक्ष पद के लिए अपना आवेदन किया है। छर्रा से रहीसुर्जमानी, हरदुआगंज से संजय यादव, सुभाष यादव, प्रताप सिंह यादव, नीतू शर्मा और विजयगढ़ से नत्थू सिंह यादव ने आवेदन किया है।
चार नगर पंचायतों में दावेदारों का टोटा
चार नगर पंचायतों में सपा में कोई दावेदार सामने नहीं आया है। जिनमें पिलखना, बेसवां, इगलास, जट्टारी नगर पंचायत शामिल हैं। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि इन चारों नगर पंचायतों में निर्दलीय प्रत्याशी ही चुनाव लड़ते हैं, जो पार्टी से समर्थन लेते हैं। इस बार भी ऐसा ही है।
जुलूस निकालकर की नारेबाजी
मेयर टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सचिव राजेश सैनी और मनोज यादव जुलूस के साथ पार्टी कार्यालय पहुंचे और वहां पर्यवेक्षक के सामने अपनी दावेदारी की। इस दौरान सपा जिला कार्यालय के सामने एटा चुंगी बाईपास पर जाम लगा रहा। जिसमें स्कूली वाहन और दूसरे वाहन फंसे रहे।
इस बार सिंबल पर होगा चुनाव
मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ पार्षद पद का टिकट मांगने वाले इस बार सपा के चुनाव निशान साइकिल पर चुनाव लड़ेंगे। एक सपा नेता ने बताया कि सिंबल पर चुनाव होने के कारण ही दावेदारों की लिस्ट लंबी है।
ये माने गए पात्र दावेदार
सपा का 20 हजार रुपये का आजीवन बुलेटिन और 2000 रुपये की सक्रिय सदस्यता वाले ही अध्यक्ष पद के आवेदन के लिए पात्र माने गए। 2000 रुपये वाले ये सक्रिय सदस्य वर्ष 2022 तक के लिए बनाए गए हैं, क्योंकि इनकी सदस्यता अवधि पांच वर्ष है। अगर ये दो शर्तें पूरी नहीं हैं, तो आवेदन निरस्त माना जाएगा।
बंद कमरों में दो बार हुआ मंथन
पहले जिला कार्यालय और इसके बाद सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव के एडीए कालोनी सासनीगेट स्थित आवास पर बंद कमरे में गोपनीय वार्ता हुई। जिला कार्यालय पर पूर्व कबीना मंत्री ख्वाजा हलीम, पूर्व नगर विधायक एवं मेयर पद के टिकट के दावेदार जफर आलम, अतरौली से पूर्व विधायक वीरेश यादव, जिला महामंत्री कुंवर बहादुर बघेल और जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने निकाय चुनाव के पर्यवेक्षक डा. दीप सिंह पाल से गोपनीय वार्ता की। ये वार्ता लगभग एक घंटे तक चली। इसके बाद जिलाध्यक्ष अशोक यादव के घर पर पूर्व छर्रा विधायक ठा. राकेश सिंह, जिलाध्यक्ष अशोक यादव और पर्यवेक्षक डा. दीप सिंह पाल के बीच दोबारा से वार्ता हुई।