अलीगढ़ जिले के बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल रहे मदन गोपाल को अदालत ने शराब तस्करी के एक मुकदमे में सजा सुनाई है। एडीजे द्वितीय अभिषेक कुमार बगाडि़या की अदालत ने पांच वर्ष कैद व साठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। यह इस कांड का दूसरा मुकदमा है, जिसमें सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मडराक के तत्कालीन एसओ राजीव कुमार ने एसओजी टीम के सहयोग से 13 जून 2021 को मथुरा रोड से हरियाणा फरीदाबाद के मूल गांधी कॉलोनी एआईटी हॉल मकान नंबर 5-एल-62 एनआईटी निवासी मदन गोपाल को लाल रंग की ब्रेजा गाड़ी सहित पकड़ा। उसके पास से दो पेटियों में 90 क्वार्टर देसी शराब बरामद हुई। बरामद शराब की मेरठ आबाकारी प्रयोगशाला से जांच कराई। जिसकी जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट की पुष्टि हुई। इसी आधार पर दायर चार्जशीट पर सत्र परीक्षण हुआ। पूछताछ में मदनगोपाल ने शराब तस्करी करना स्वीकारा।
शासन को दी जानकारी, अभियोजन टीम होगी सम्मानित
जहरीली शराब कांड के मुकदमों में ट्रायल लंबे समय से लंबित पड़ा हैं। इसमें पूर्व में डीजीसी अपराध जितेंद्र सिंह ने प्रयास कर सभी मुकदमों को एक अदालत में ट्रायल शुरू कराया था। बाद में अदालत बदले जाने पर मुकदमे फिर इधर-उधर हो गए। मदन गोपाल चूंकि प्रमुख आरोपियों की सूची में शामिल रहा। इसलिए शासन का फोकस था। एडीजीसी अमर सिंह तोमर को लगाकर आरोपी को तलब कराया। मामले में तत्काल शासन तक अवगत कराया गया। अब इस टीम को सम्मानित किया जाएगा।