एएमयू के हॉस्टल्स की किचन में लकड़ी का इंतजाम रखने को कहा
गैस संकट का असर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी देखने को मिल रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 20 हॉस्टल्स में रह रहे 18 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के भोजन में दिक्कत न हो, इसके लिए एहतियातन उपाय शुरू कर दिए हैं। एएमयू प्रशासन ने सभी हॉल की रसोई में लकड़ी का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि गैस खत्म होने की स्थिति में छात्रों को भूखा न रहना पड़े। एएमयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. मो. अतहर अंसारी ने कहा कि हालात को देखते हुए कहा गया है कि सभी हॉस्टल एएमयू के लैंड एंड गार्डेन से लकड़ी लें, जहां तक संभव हो लकड़ी का प्रयोग किचन में करें। लैंड एंड गार्डेन से लकड़ी की उपलब्धता नहीं हो तब बाहर से लकड़ी खरीदने के लिए कहा गया है।
प्राइमरी स्कूलों में 'मिड-डे मील' पर संकट
जिले के करीब 2000 परिषदीय विद्यालयों में भी स्थिति चिंताजनक है। मिड-डे मील बनाने के लिए सिलिंडरों की उपलब्धता कम हो गई है। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान स्टॉक से एक-दो दिन का काम तो चल जाएगा, लेकिन यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई, तो समस्या होगी। गैस की कमी से आने वाले दो दिन में जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले दो लाख से अधिक छात्रों के समक्ष दोपहर के भोजन का संकट गहरा सकता है।
250 कैटरिंग बुकिंग रद्द, होटलों में सन्नाटा
व्यावसायिक गैस की किल्लत ने शहर के जायके और व्यापार को भी प्रभावित किया है। आपूर्ति बाधित होने के कारण शहर के बड़े कैटरर्स ने अब तक 250 से अधिक बुकिंग रद्द कर दी हैं। उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स, डेकोरेशन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप गंगा कहते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से होटलों के संचालन पर संकट खड़ा हो गया है। कई छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। 250 से अधिक छोटी बड़ी कैटरिंग की बुकिंग रद्द की गई हैं। बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता जो सीधे बाजार से कमर्शियल सिलिंडर खरीदते थे, उन्हें अब खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।