अधिवक्ता रविंद्र पाल सिंह को गोली मारे जाने की घटना के विरोध में मंगलवार को दीवानी के वकील उतर आए। दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के बैनर तले हुई बैठक में एक दिवसीय हड़ताल का एलान कर प्रदर्शन करते हुए गेट पर आ गए और धरना दिया। नारेबाजी करते हुए एसपी सिटी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की गिरफ्तारी, घटना का तीन दिन में खुलासा करने, आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग उठाई। ज्ञापन में पुलिस को तीन दिन का समय देते हुए मांग पूरी न होने पर अग्रिम आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन के चलते कुछ देर को दीवानी के बाहर मुरादाबाद हाईवे पर जाम लग गया। जिसे पुलिस ने खुलवाया। वहीं, हड़ताल की घोषणा के चलते मंगलवार को मुकदमाें की पैरवी नहीं हुई। अपने केसों में तारीख करने आए लोग मायूस लौट गए। जमानत के मामलों में भी सुनवाई नहीं हुई।
इससे पहले दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन ने बार कार्यालय पर बैठक कर हड़ताल का प्रस्ताव पारित किया। बैठक में सभी ने एक मत होकर अधिवक्ता रविंद्र पाल सिंह को गोली मारने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए रोष व्यक्त किया। वकीलों ने खुद की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन के प्रति जबरदस्त नाराजगी जताई। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट कैलाश बाबू गुप्ता, एडवोकेट अनूप कौशिक, सुनीत गौतम, मिर्जा अनीस बेग, अंशुमान गौतम, विपिन सिंह राणा, मनोज चौधरी, बृजेश रौतेला, सुरेश कुमार, वेद प्रकाश शर्मा, नेत्रभान सिंह, आशीष मोहन यादव, प्रेमचंद्र शर्मा, पंकज अवस्थी, विनय रायजादा आदि मौजूद रहे।
जाम के बीच वकीलों को शांत कराने पहुंचे एसपी सिटी अभिषेक और सीओ प्रथम विशाल पांडेय को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में उक्त तीनों मांगे रखी गई हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचे फोर्स के जवानों को शांति के साथ अधिवक्ताओं को सड़क से किनारे कराया और उसके बाद जाम खुलवाया।
हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस
जनकपुरी कॉलोनी निवासी अधिवक्ता रविंद्र पाल सिंह को गोली मारने वाले दो बदमाश सीसीटीवी में कैद हो गए हैं लेकिन पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस ने मंगलवार को उनके पैतृक गांव थाना हाथरस जंक्शन के इमलिया नगला में भी एक टीम को भेज कर पुरानी रंजिश के बारे में जानकारी जुटाई। इसमें कोई बड़ा तथ्य सामने नहीं आया। इधर, अधिवक्ता के अलीगढ़ में शिफ्ट होने के बाद उनकी किसी से कोई नई रंजिश अब तक सामने नहीं आई है। अब पुलिस अलग अलग बिंदुओं पर पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिवक्ता के परिजनों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। उनसे भी पूछा जा रहा है कि कहीं कोई और मामला तो नहीं है। वहीं दिल्ली में अधिवक्ता का ऑपरेशन हो गया है। अब उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है।