हॉस्पिटल की शिकायत आई। जांच की गई तो बिना पंजीकरण अस्पताल संचालित मिला। साथ ही कई सारी कमियां और जांच में दोषी मिले। इस कारण अस्पताल को सील किया गया है। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
छह माह पूर्व एक महिला की डिलिवरी हुई। उसके पति ने बच्चे के ऊपर देखने की शिकायत की थी। अस्पताल पहले से पंजीकृत है। नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन कर रखा गया है। ऑन काल डॉ. तरंग सलूजा अस्पताल में डिलिवरी कराने आती हैं। उस समय वह नहीं आ पाई इस कारण बीएएमएस चिकित्सक ने डिलिवरी कराई गई थी। - सोनू राघव, लॉर्ड कृष्णा हॉस्पिटल संचालक
50 अस्पतालों पर मारा छापा, कई सील
अलीगढ़ जिले में झोलाछाप और बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने 22 दिसंबर को अभियान चलाया। विभाग ने 50 से अधिक अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई अस्पतालों को सील कर दिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार शर्मा ने संदिग्ध चिकित्सा इकाइयों का क्षेत्रवार औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कई अस्पतालों और क्लीनिकों को तत्काल सील कर दिया गया। कुछ इकाइयों को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि निजी चिकित्सा इकाइयों का पंजीकरण या नवीनीकरण केवल ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज सत्यापन और स्थलीय निरीक्षण के बाद ही जारी किया जाता है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध अस्पतालों और झोलाछापों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।