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Merry Christmas: आधी रात को जन्में प्रभु यीशु, खुशियों में डूबे मसीह समाज के लोग, सैंटा क्लॉज ने दिए गिफ्ट

Mon, 25 Dec 2023 02:17 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आज है प्रभु यीशु का बथडे, रात 12 बजे ही प्रभु के जन्म के साथ ही केक कटे। सभी चर्च एवं गिरजाघर गूंज उठे। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं । सभी एक दूसरे को मेरी क्रिसमस कहते हुए नजर आए।
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घंटाघर स्थित चर्च ऑफ असेंसन में प्रार्थना सभा में गीत गाते युवक युवतियां - फोटो : संवाद
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विस्तार
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रात 12 बजते ही मसीह समाज के लोग यीशु के जन्मोत्सव की खुशियों में डूब गए। केक काटने एवं चॉकलेट बांटने के साथ संगीत की ध्वनि से शहर के सभी चर्च एवं गिरजाघर गूंज उठे। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं हुईं । इसके बाद लोगों ने एक- दूसरे को केक खिला कर मुंह मीठा कराया और हैप्पी क्रिसमस और मेरी क्रिसमस के साथ जिंगल बेल, जिंगल बेल.. की मधुर धुन से चर्च के हॉल गूंजने लगे । 

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बन्नादेवी सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च में क्रिसमस डे पर प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिन पर लाइटों से जगमग चर्च दुनिया को क्षमा और शांति का संदेश देने वाले प्रभु यीशु मसीह का जन्मदिन रविवार देर रात को धूमधाम से मनाया गया । सांता क्लॉज बने बच्चों और बुजुर्गों ने एक- दूसरे को उपहार बांटे। इस दौरान रंगबिरंगी रोशनियों से महानगर के सभी चर्च जगमगाते रहे । जश्न के दौरान मसीह समाज के लोगों ने जमकर आतिशबाजी भी की । जिससे आसमान में सतरंगी छठा बिखर गई । 
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मोबाइल फोन से खूब ली सेल्फी 
 क्रिसमस को लेकर लोगों ने मोबाइल फोन से फोटो खींचे और वीडियो बनाकर उन्हें अपने दोस्तों और परिचितों को भेजा । लोगों ने नये कपड़े पहने और अपने बच्चों को सेंटा क्लॉज की ड्रेस में तैयार किया । दिन ढ़लते ही मसीह समाज के लोग चर्च एवं गिरजाघरों में पहुंचने लगे । शहर के सभी गिरजाघरों में रात को कैंडल जला कर प्रार्थना की गई । लोगों ने बच्चों को उपहार भी भेंट किए । क्रिसमस की खुशियों में गैर ईसाई लोग भी इसमें शामिल हुए। बाजारों में देर रात तक दुकानें खुली रहीं । बन्नादेवी स्थित सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च के फादर यूसुफ दास और फादर एसटी गिल ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह के जन्म पर दूत आए और सबसे पहले गडरियों को संदेश दिया । वे पहले डर गए। इस दौरान दूतों ने कहा डरो मत, हम बड़े आनंद का शुभ समाचार सुना रहे हैं । आपके उद्धारकर्ता ने जन्म लिया है । इस क्रिसमस से हम अच्छे कार्य करें और शांति का संदेश दें।

क्रिसमस का मतलब है कि प्रभु हमें शांति देने आए हैं। हम अच्छे कार्य करें, जिससे हमें शांति मिल सके। इसके बाद रात 12 बजे प्रभु यीशु का जन्म हुआ । केक काटा गया और अपने घर से बनाकर लाए गए केक का वितरण कर खुशियां मनाई। गिरिजाघरों में बच्चों को उपहार बांटे गए। बच्चे खुशी से झूम उठे । मैथोडिस्ट सिटीक्रिस्ट चर्च शीशियापाड़ा में फादर जॉनाथन लाल ने प्रार्थना करायी। इसके अलावा सीएनआई, कैथोलिक चर्च, शालोम इंटरनेशनल मिशन चर्च,दा डिसाइपल मेकिंग चर्च, मसीह अंजुमन चर्च, फुल गॉस्पेल पेंटेकोस्टल चर्च, एजी निस्सी चर्च, अलीगढ़ विक्ट्री चर्च में यीशु के आगमन विशेष प्रार्थना हुईं। इस अवसर पर प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिन पर केक काटकर बच्चों को बांटा गया। 

सेंटा और क्रिसमस ट्री की जमकर बिक्री 


क्रिसमस के जश्न को लेकर मसीह समाज ने 24 दिसंबर को बाजारों में पहुंचकर जमकर खरीदारी की। दुकानों पर स्टार, ट्री, ट्री डेकोरेशन, हैंगिंग बेल, बैनर, पोस्टर, सेंटा सॉफ्टर, सेंटा ड्रेस, सेंटा कैप, मास्क, टॉयज, फैंसी सेंटा पेन, स्नोमैन, पैरासूट वाला सेंटा, सीढ़ी पर चढ़ने वाला सेंटा और डांस करने वाला सेंटा की खूब बिक्री हुई । आलम यह रहा कि शहर की गिफ्ट गैलरियों में दिनभर भीड़ रही । इसके अलावा सेंटा का बैंड, सेंटा का हेयर बैंड, सेंटा का चश्मा, लाइटिंग बैनर, क्रिसमस गिफ्ट, चॉकलेट, क्रिसमस का रैंडियर बैंड आदि भी पसंद किए गए । परफ्यूम से लेकर सजावट के सामान को भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। शहर के सभी गिरिजाघरों में सोमवार को अलग-अलग समय पर क्रिसमस सर्विस होगी । 

खुशी और उत्साह का त्योहार है क्रिसमस 
खुशी और उत्साह का प्रतीक क्रिसमस ईसाई धर्म के अनुयायियों का सबसे बड़ा त्योहार है। क्रिसमस के दिन घर में संपन्नता के लिए क्रिसमस ट्री को लगाया और सजाया जाता है । घर के आस-पास के पौधों को रंगीन रोशनी और फूलों से सजाया जाता है।

खुशियां बांटने का दिन 
शहर के प्रसिद्ध संगीतकार जॉनी फास्टर बताते हैं कि क्रिसमस खुशी और उत्साह का प्रतीक है। प्रभु यीशु हमें शांति एवं प्यार का संदेश देते हैं। वे कहते हैं कि प्रभु के बताए गए मार्ग पर चलकर ही हम अपना जीवन सफल कर सकते हैं। नियमित प्रार्थना से मन में शांति आती है। प्रभु यीशु ने धरती पर आकर संसार से लोगों के बीच पनप रहे घृणा, पाप को दूर किया। प्रभु ने हम सभी के बीच भाईचारे एवं आपसी सद्भाव का संदेश दिया। क्रिसमस का त्योहार प्रभु के जन्म का त्योहार है। इसी दिन प्रभु का धरती पर आगमन हुआ था। क्रिसमस पर हम सभी मिलकर प्रभु का स्वागत कर प्रार्थना करते हैं। शांति और प्रेम ही हमें एक बेहतर इंसान बनाता है। यह पर्व खुशियां बांटने का दिन है। 
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क्रिसमस गीत एवं प्रार्थनाओं का दौर 

बाईबल प्रचारक गौरव प्रभाकर के अनुसार क्रिसमस पर घर-घर जा कर कैरल सिंगिंग, प्रार्थनाओं एवं आगामी नूतन वर्ष की शुभकामनाएं देने के साथ ही क्रिसमस पर समस्त मसीही मूल्यवर्ग (मेथोडिस्ट, सीएनआई,कैथोलिक, पेंटेकोस्टल,एवं इंडिपेंडेंट पास्टरों) के चर्चों की क्वायर द्वारा घर- घर जा कर क्रिसमस गीत एवं प्रार्थनाएं की जा रही हैं। समाज मैं क्रिसमस के प्रति उत्साह और समर्पण-भाव अभूतपूर्व रूप से देखने को मिल रहा है। 

सबसे बड़ा धर्म मानवता का - डीएम 
सिटी क्राइस्ट चर्च के फादर जोनाथन लाल .पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्योराज जीवन ने रविवार को डीएम आवास पहुंचकर डीएम इंद्र विक्रम सिंह का स्वागत किया और क्रिसमस की बधाई दी। डीएम ने कहा कि भारत में बहुत जाति धर्म है, सबसे बड़ा धर्म मानवता का है । क्रिसमस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि हम प्यार, एकता सद्भावना बनाए रखें क्योंकि प्रभु यीशु मसीह ने तो प्रेम एकता का संदेश दिया है। इस मौके पर पास्टर हर्ष कुमार, डेविड मसीह आदि मौजूद रहे।
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