लोहड़ी की धूम में शुक्रवार को पूरा शहर रंग गया। प्रात: से ही महानगर के गुरुद्वारों में कार्यक्रम शुरू हो गए जो कि रात तक चलते रहे। इस दौरान गुरुद्वारों को भी विशेष रूप से सजाया गया। सुबह से ही गुरुद्वारों में मत्था टेक अरदास करने वालों की कतार लगी रही। शहर के विभिन्न स्थानों पर लोहड़ी के कार्यक्रम हुए। इस दौरान समाज के लोग फिल्मी गानों के साथ ढोल नगाड़ों पर जमकर नाचे और एक दूसरे को गले मिलकर लोहड़ी की बधाई दी।
शहर को बैकुंठ नगर स्थित गुरुद्वारे में सुबह से ही कार्यक्रम शुरु हो गए। भजन कीर्तन का सुबह से शुरु हुआ दौर शाम तक चलता रहा। रात आठ बजे के बाद गुरुद्वारे में लोहड़ी की अग्नि प्रज्जवलित हुई। इसके बाद सभी ने एक दूसरे को लोहड़ी की बधाई दी और जश्न मनाया।
शहर में विभिन्न स्थानों पर लोहड़ी के कार्यक्रम आयोजित हुए। गुरुद्वारे में सायं 6.30 बजे से पाठ आरंभ हुआ। इसमें ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने वाहो-वाहो गोविंद सिंह आपै गुरु चेला 350 साल गुरु दे नाल का कीर्तन किया। इस मौके पर उन्होंने समाजके लोगों से अपनी कमाई की 10 वां हिस्सा दान करने की अपील की। रात आठ बजे के बाद लोहड़ी की अग्नि प्रज्वलित कर सभी ने एक दूसरे के गले लग कर बधाई दी। ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने प्रथम लोहड़ी मना रहे नव विवाहित जोड़ों हरमीश व रंजीत कौर शीना, हरजीत सिंह करन व शुचि कौर, साहिब व नेहा छाबड़ा, हर्षित सिंह राजपाल व गुनीत कौर, गोविन्द सिंह व जूही गुरदित्ता, गुरदीप सिंह जुनेजा परिवार को बधाई दी।
इसके उपरांत गुरु का लंगर सभी ने ग्रहण किया। कार्यक्रम में भूपेंदर सिंह, कमलजीत सिंह, इकबाल सिंह, हरविन्दर सिंह, गुरदीप सिंह जुनेजा, दलजीत कौर, हरमिंदर सिंह, अमृत सिंह, तरुण गांधी, रामअवतार सिंह, इंदरजीत सिंह बिल्ला, महेंदर लाल छाबड़ा, रविप्रीत, अरविंदर सिंह जुनेजा, संदीप गांधी, हरपाल सिंह, राजपाल, परमजीत कौर, चरनजीत कौर, नरेंद्र कौर, मनप्रीत कौर, प्रीतम कौर, अर्चना, शिवानी गांधी, गुरजीत कौर, जसमीत कौर, सरबजीत कौर, हरमीत कौर, हरपाल सिंह, जसबीर सिंह, राकेश गांधी, जसवंत सिंह, तनप्रीत सिंह टुटेजा, कारज, हरमीश, शीना, निहाला,सतेंदर सिंह, ज्योति भाटिया, रोबी सीमा, करन होरा एवं शुचि कौर मौजूद थे।