- 10 हजार ताला कारखाने उद्योग विभाग में हैं पंजीकृत
- 6 हजार ताला कारखाने जीएसटी में पंजीकृत और देते टैक्स
- 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुमानित सालाना टर्नओवर
- 500 करोड़ रुपये करीब से ज्यादा कीमत के ताले का निर्यात
इस तरह बदला अलीगढ़ के तालों का प्रकार
शुरुआती दौर में साइज के अनुसार फुटा ताला, फिर नंबर लॉक, गोल ताला, नीचे से चाभी लगने वाला ताला, सूटकेस लॉक बने। बाद में मोर्टिस लॉक (डोर हैंडल), पैड लॉक, पिन सिलिंडर लॉक, शटर लॉक, मैकेनिज्म आधारित लॉक सहित 42 प्रकार के ताले आज यहां की पहचान हैं।
ये भी ताले बनते हैं अलीगढ़ में
वीआईपी सूटकेस का ताला, सभी प्रकार के कुंडी में लगने वाले ताले, सभी प्रकार के गेट, शटर, चैनल में लगने वाले मॉर्टिस ताले, सभी प्रकार के दरवाजों में लगने वाले ताले, बजाज, एलएमएल, होंडा के दोपहिया वाहनों में लगने ताले, भारतीय बाजार में निर्मित होने वाले फ्रीज में लगने वाले ताले, सभी प्रकार के स्टील फर्नीचर में लगने वाले कवर्ड ताले, फियेट व एंबेस्डर कार में लगने ताले भी यहां बनाए जाते हैं।