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लॉकडाउन 4.0 : अपना एवं परिवार का रखें ख्याल

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डॉ मुकेश भारद्वाज। - फोटो : CITY OFFICE
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लॉकडाउन 4.0 शुरू हो गया है। 25 मार्च 2020 से घरों में कैद लोगों को अब 31 मई 2020 तक कोई विशेष छूट नहीं मिलने जा रही है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। वक्त अपना एवं परिवार के जीवन को तकलीफ एवं परेशानियों से बचाने का है। अब आप पर निर्भर है कि इस कीमती समय का उपयोग आप कैसे करते हैं। रो-गाकर किसी तरह समय काटने से बेहतर है कि लॉकडाउन 4.0 के समय का बेहतर इस्तेमाल करें। समझदारी भी इसी में है। शहर के कुछ प्रमुख लोगों को सुझाव....
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शहर में कोरोना वायरस से 9 लोगों की मौत दुखद है। हमे संभलकर रहना होगा। जरूरी न हो तो घर से नहीं निकलें। यदि बहुत जरूरी हो तो तमाम तरह की सावधानी बरतें। शारीरिक दूरी का पालन करें। मास्क लगाए और बार-बार हाथ धोते रहें।
धनजीत वाडरा, उद्योगपति
शहर की स्थिति गंभीर है। असावधानी खतरनाक साबित हो सकती है। अपना एवं अपने परिवार का ध्यान रखें। प्रधानमंत्री, देश के थिंक टैंक एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना से बचाव के लिए दिशा-निर्देश सोच-विचार कर दिया गया है। उसका पालन करें।
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विजय बजाज, उद्योगपति
25 मार्च से घर में हैं। 31 मई तक रहने में कोई दिक्कत नहीं है। खुशी की बात यह है कि अब अधिकतर लोग शारीरिक दूरी, मास्क एवं हाथ धोने के संदेश का मतलब समझ गए हैं और उसका पालन कर रहे हैं। देश का भविष्य नागरिकों के हाथ में है।
- डॉ. जया शर्मा, चिकित्सक
मौजूदा स्थिति को देखते हुए धैर्य के साथ घर में रहना समझदारी है। जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। वक्त के महत्व को समझें और घर में ही उसका बेहतर इस्तेमाल करें। पढ़ने, कुछ सीखने, बच्चों को सिखाने व शौक पूरा करने में अपना वक्त व्यक्त व्यतीत कर खुश रहें।
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- डॉ. मुकेश भारद्वाज, अध्यक्ष, औटा

विजय बजाज।- फोटो : CITY OFFICE

धनजीत वाड्रा।- फोटो : CITY OFFICE

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