जिले के स्थानीय निकायों में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब अचल संपत्तियों के हस्तांतरण पर वसूले जाने वाले दो प्रतिशत अतिरिक्त स्टांप शुल्क से मिलने वाली धनराशि को खर्च करने के लिए 18 महीने की समय सीमा तय कर दी गई है। जिले के 17 निकायों पर नियम लागू होगा।
प्रमुख सचिव अमित गुप्ता द्वारा जारी नए शासनादेश के अनुसार सभी विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों को आवंटित धनराशि प्राप्त होने के 18 महीने के भीतर उसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य धन को लंबे समय तक डंप रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना और जनहित के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है। अलीगढ़ जिले में विकास कार्यों की निगरानी पांच तहसीलों और 12 ब्लॉकों के माध्यम से की जाती है। नए नियम के बाद अब निकायों को अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लानी होगी, ताकि निर्धारित समय के भीतर बजट का उपयोग कर अगले चरण की धनराशि प्राप्त की जा सके।
जिले में कुल 17 स्थानीय निकाय हैं, जिन्हें इस आदेश के दायरे में लाया गया है। इनमें नगर निगम, नगर पालिका परिषद अतरौली, खैर और छर्रा, नगर पंचायत जलाली, विजयगढ़, पिसावा, बरौली, इगलास, जट्टारी, कौड़ियागंज, गोंडा, अकराबाद, मडराक, चंडौस, टप्पल और जवां सिकंदरपुर शामिल हैं।
इस नई समय सीमा से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि विकास योजनाओं की निगरानी भी बेहतर ढंग से की जा सकेगी। - ब्रजेश कुमार सिंह, एआईजी स्टांप