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Aligarh News: अलीगढ़ में तीन साल में 3836 युवा बने उद्यमी, 16.78 करोड़ रुपये का मिला ऋण

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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना से युवाओं को मिल रहा संबल, 25 हजार से पांच लाख रुपये तक का गारंटी मुक्त लोन
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2025-26 में सर्वाधिक 2505 युवाओं ने लिया लाभ, निजी बैंकों में 134 आवेदनों में से केवल छह को मिला ऋण

अलीगढ़। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना जिले के युवाओं के लिए स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। योजना के तहत पिछले तीन वित्तीय वर्षों में अलीगढ़ के 3836 युवाओं को कुल 16.78 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इससे युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। कोई मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोल रहा है तो कोई ब्यूटी पार्लर, किराना स्टोर और इलेक्ट्रॉनिक कारोबार के जरिए अपनी आजीविका चला रहा है।

जिला उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार, योजना की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुई थी। पहले वर्ष 463 युवाओं को 1.88 करोड़ रुपये का ऋण मिला। वर्ष 2025-26 में योजना के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ा और 2505 लाभार्थियों को 12.30 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 868 युवा 3.70 करोड़ रुपये का लाभ ले चुके हैं। इस तरह तीन वित्तीय वर्षों में कुल 3836 युवाओं को 16.78 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।
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25 हजार से पांच लाख रुपये तक ऋण की सुविधा

योजना का उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत पात्र युवाओं को 25 हजार से पांच लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना में ब्याज संबंधी छूट और सरकारी अनुदान का भी प्रावधान है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और ऋण स्वीकृत होने पर राशि बैंक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। पात्रता के लिए आवेदक का कम से कम 10वीं पास होना और उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होना जरूरी है।

किसी ने खोली मोबाइल की दुकान, तो किसी ने ब्यूटी पार्लर

योजना का लाभ लेकर कई युवाओं ने अपने कारोबार की शुरुआत की है। जीवनगढ़ निवासी रहमान बताते हैं कि पहले उन्हें नौकरी के लिए भटकना पड़ता था, लेकिन अब उन्होंने मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोल ली है। इससे उन्हें आमदनी का साधन मिला है। वहीं, सुदामापुरी निवासी सुनीता ने ब्यूटी पार्लर शुरू किया है। इससे परिवार के भरण-पोषण में मदद मिल रही है।

इसी तरह कुछ युवाओं ने किराना स्टोर, वेल्डिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामान से जुड़ी दुकानें खोली हैं। इन छोटे कारोबारों से युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही अन्य लोगों के लिए भी काम के अवसर पैदा हो रहे हैं।

सरकारी बैंक आगे, निजी बैंकों में कम स्वीकृति

योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने में सरकारी बैंक अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनमें ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक शामिल हैं। वहीं, निजी बैंकों में ऋण स्वीकृति की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर बताई गई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, निजी बैंकों में 134 आवेदन आए, जिनमें से केवल छह आवेदकों को ही ऋण मिल सका। ऐसे में योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए बैंक स्तर पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।
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मिशन मोड में संचालित हो रही योजना

जिला उद्योग विभाग के उपायुक्त एसपी यादव ने बताया कि युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना मिशन मोड में संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से युवा अपना कारोबार शुरू कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।

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