परिवहन विभाग की जांच में सुरक्षा की दृष्टि से अपूर्ण मानक कैटेगरी में दर्ज किए गए पांच सौ स्कूली वाहनों को शासन ने राहत प्रदान की है। सीसीटीवी, सीट बेल्ट और अग्निशमक यंत्र को छोड़कर परिवहन विभाग फिर से इन वाहनों के नए आंकड़े जुटाएगा।
जनपद के 576 स्कूली वाहनों में पांच सौ स्कूली बस या मिनी बस पंजीकृत हैं। 76 मैक्स व टैक्सी पंजीकृत हैं। गाजियाबाद के मोदीनगर नगर में स्कूल बस से सिर निकालने पर छात्र की मौत के बाद परिवहन विभाग ने सभी स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन किया था। इस सत्यापन में पांच सौ ऐसे वाहन थे, जिनके अंदर सीसीटीवी कैमरे व प्रत्येक छात्र के लिए सीट बेल्ट नहीं थी। परिवहन विभाग ने इन्हें अपूर्ण कैटेगरी में डाला तो स्कूल वाहन संचालक व विद्यालय प्रबंधन तनाव में आ गए। हालांकि सभी ने मानक जल्द पूरे करने का आश्वासन दिया था।
शासन से इन्हें अब राहत मिल गई है। सीसीटीवी कैमरे, सीट बेल्ट व अग्निशमक यंत्र को छोड़कर परिवहन विभाग स्कूली वाहनों की अब नई सूची तैयार करेगा। आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन ने बताया कि नए नियम के मुताबिक कई सारे बदलाव हुए हैं। जिसमें निजी गाड़ियों का अनुबंध दस साल की जगह 15 साल कर दिया गया है। 14 सीट वाली स्कूली वैन की अवधि भी 10 साल की जगह 15 साल कर दी गई है। इसके अलावा सीसीटीवी, सीट बेल्ट जैसे अपूर्ण मानक में राहत दी गई है। अब फिर से नई सूची तैयार की जाएगी।