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शराब माफिया का राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड में भी फैला है कारोबार

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जहरीली शराब को परोसकर 109 लोगों की जान लेनेे वाले शराब माफिया व उनके सहयोगियों तार न सिर्फ अलीगढ़ बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों सहित राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड में भी जुड़े हैं। इन सभी जगह पर इन्होंने अपना कारोबार स्थापित किया है। इसमें आबकारी विभाग की विशेष मदद इनके ऊपर कृपा बनकर हमेशा पैसे के बलबूते बरसती रही है। प्रशासन को यह सभी सुराग जांच में मिले हैं। इसके साथ ही कुछ ऐसे लोगों के भी नाम सामने आए हैं, जो इनके गुप्त सहयोगी बनकर कारोबार में हाथ बांटते रहे हैं।
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अनिल चौधरी का नाम इसमें सबसे आगे है। उसके एक ऐसे सहयोगी का नाम भी प्रशासन के हाथ लगा है, जो हमेशा से पर्दे के पीछे रहते हुए इसके काले धंधे में कारोबारी सहयोगी रहा है। फिलहाल प्रशासन ने इन नामों का खुलासा नहीं किया है। मगर, यह तय है कि यह नाम सामने आने के बाद जिले में बड़ी खलबली मचने वाली है। वहीं, आबकारी विभाग को लेकर प्रशासन की जांच में यह भी सामने आया है कि आबकारी विभाग इनके ऊपर हमेशा विशेष कृपा बरसाता रहा है। इनकी लाइसेंसी दुकानों की कभी जांच नहीं होती थी। जांच हुई भी तो केवल खानापूर्ति की गई। शराब के कभी सैंपल नहीं भेजे गए। रिकार्ड का कभी ठीक से मिलान नहीं किया जाता था। अगर, कभी आबकारी की विशेष जांच शाखा पहुंचती भी तो स्थानीय अधिकारी-कर्मचारी पहले ही इनको उसकी सूचना दे देते थे। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शराब माफिया से जुड़े जो भी लोग हैं। उनका रिकॉर्ड भी निकाला जा रहा है। जांच में कई बातें सामने आ रही हैं। इनको व इनके सहयोगियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
शराब माफिया व उनके करीबियों की 27 दुकानें निरस्त
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की सख्ती के बाद आबकारी विभाग ने शराब कांड के आरोपियों व उनसे जुड़े लोगों के नाम से जिले में संचालित अभी तक 27 आबकारी दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनमें 22 देशी शराब व पांच बीयर दुकान शामिल हैं। अभी लिस्ट में कई और दुकानें भी हैं, जिनका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया चालू है। जिला आबकारी अधिकारी डा. सतीश चंद्र ने बताया कि शराब माफिया व उनके परिजनों के नाम आवंटित 27 दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। लिस्ट में अभी कई और दुकान हैं, उनके भी लाइसेंस निरस्त होंगे।
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