ये भी जानें
- चिकन सॉसेज के लिए आम के छिलके का रस सबसे प्रभावी पाया गया। इससे रंग, स्वाद और बनावट बनी रहती है। लिपिड व प्रोटीन ऑक्सीकरण कम हुआ। भंडारण अवधि बढ़ी।
- मीट सॉसेज के लिए पान के पत्ते का रस माइक्रोबियल वृद्धि को रोकता है, बनावट और स्वाद सुधारने में प्रभावी साबित हुआ।
- मीट पेटीज में केले के छिलके का पाउडर फाइबर की मात्रा बढ़ाता है। वसा और ऑक्सीकरण कम करता है। हालांकि, अधिक मात्रा में इससे स्वाद पर हल्का नकारात्मक असर देखा गया।
- प्राकृतिक रस से बने बायोएक्टिव पैकेजिंग फिल्म (अलसी गोंद, पान के पत्ते का रस) से मांस की नमी और रंग को लंबे समय तक बनाए रखती हैं।
- वजन घटाना, माइक्रोबियल गिनती और ऑक्सीकरण को कम करती है।
मीट निर्यात यूनिट के लिए बेहतर है अलीगढ़
अलीगढ़ में भूसा-हरा चारा और भैंसों की उपलब्धता आसानी से हो जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा तक के पशु यहां आसानी से आ जाते हैं। यहां पर बूचड़खानों के मजदूरों की उपलब्धता है। यहीं कारण है कि अलीगढ़ मीट निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी है।
देश के 970वें अरबपति बने हाजी जहीर
29 अगस्त 2024 को जारी हुई हुरून इंडिया रिच लिस्ट में अलीगढ़ के प्रमुख मीट निर्यातक हाजी जहीर को देश के अरबपतियों में 970वां स्थान प्राप्त हुआ है। उनकी नेटवर्थ 2300 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वह अलीगढ़ आयकर विभाग की टॉप टेन करदाता लिस्ट में वर्ष 2018 से शामिल हैं। अल-हम्द फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के साथ वह दो मीट निर्यात यूनिटों के स्वामी हैं।
साल-दर-साल बढ़ता मीट का निर्यात
- वर्ष 2020-21 में 5000 करोड़ रुपये
- वर्ष 2021-22 में 5609 करोड़ रुपये
- वर्ष 2022-23 में 6687 करोड़ रुपये
- वर्ष 2023-24 में 7000 करोड़ रुपये
- वर्ष 2024-25 के तीन महीने में 1514 करोड़ रुपये