शहर की बहुमंजिला इमारतों, होटलों और मॉल्स में लगी लिफ्टों की सुरक्षा को लेकर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने शनिवार को मैरिस रोड से लेकर सेंटर प्वाइंट तक की छापेमारी की। इस दौरान यह सामने आया कि किसी भी बड़े संस्थान के पास लिफ्ट का वैध पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) ही नहीं था।
एडीए वीसी कुलदीप मीणा के कड़े रुख के बाद ओएसडी अतुल आनंद के नेतृत्व में चली इस औचक जांच ने शहर के नामी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की पोल खोलकर रख दी है। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के मुताबिक मैरिस रोड स्थित पाम ट्री होटल में लिफ्ट की जांच के दौरान होटल प्रबंधन पंजीकरण के दस्तावेज दिखाने में नाकाम रहा। उन्होंने केवल सालाना रखरखाव के कागज दिखाए, जो कानूनन नाकाफी हैं।
इसके अलावा मैरिस प्वाइंट रेस्टोरेंट में लिफ्ट चलती हुई मिली, लेकिन प्रबंधन के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था। सिटी सेंटर मॉल में भी प्रबंधन सिर्फ मेंटेनेंस के कागजात ही पेश कर सका। सेंटर प्वाइंट चौराहे के पास स्थित टाउन हॉल कॉम्प्लेक्स में भी कोई पंजीकरण दस्तावेज नहीं मिला।
एडीए की टीम ने इन चारों प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई और अंतिम चेतावनी जारी की है। इस दौरान एडीए टीम में ओएसडी अतुल आनंद के साथ जूनियर इंजीनियर (जेई) मनोज शर्मा और विश्वजीत मुख्य रूप से शामिल रहे।
- पाम ट्री होटल, मैरिस प्वाइंट रेस्टोरेंट, सिटी सेंटर मॉल और टाउन हॉल पर लगी लिफ्टों की जांच की गई। इसमें गंभीर लापरवाही सामने आई है। कोई भी संस्थान मौके पर लिफ्ट पंजीकरण से संबंधित अनिवार्य दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका है। सभी को नोटिस के दायरे में लिया जा रहा है। - अतुल आनंद, ओएसडी, अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए)
बिल्डर का दावा एडीए की टीम नहीं आई
शुक्रवार को सेंटर प्वाइंट स्थित एसएस प्वाइंट पर एडीए की टीम पहुंची थी। यहां पर लिफ्ट निर्माण में खामियों की बात कही थी। यहां के बिल्डर का दावा है कि कोई टीम साइट पर नहीं पहुंची है। अभी निर्माणाधीन बिल्डिंग में लिफ्ट नहीं लगी है। काम चल रहा है। इसलिए एडीए का दावा ठीक नहीं है।