महानगर के क्वार्सी इलाके के ज्वालापुरी में वर्ष 2015 में हुए हत्याकांड में एडीजे-15 के न्यायाधीश विजय कुमार प्रथम के न्यायालय से दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। यह हत्याकांड अवैध संबंधों को लेकर अंजाम दिया गया था।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार ,घटना 4 मार्च 2015 की है, जब वादी नीतेश निवासी ज्वालापुरी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि वह और उसका दोस्त पप्पू उर्फ मनोज मूल निवासी सहावर कासगंज, हाल निवासी विकास नगर गांधीपार्क कहीं जा रहे थे। तभी रावणटीला निवासी फैक्टरी संचालक भाई ललित शर्मा व विजय शर्मा ने उन पर चाकुओं से हमला कर दिया। इस हमले में पप्पू उर्फ मनोज की मौत हो गई, जबकि खुद नीतेश जख्मी हो गया। घटना के मूल में बताया गया कि विजय की चमड़ा फैक्टरी में नीतेश की पत्नी नौकरी करती थी। दोनों में नजदीकियां हो गईं, नीतेश विरोध करता था। इसी विवाद में उस पर हमला किया गया। मगर, हमले में पप्पू की मौत हो गई।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। आरोपी ललित पर 40 हजार और विजय पर 45 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि में से 25 हजार रुपये पप्पू के परिवार को व 15 हजार रुपये नीतेश को देने के आदेश दिए हैं।
मारपीट के आरोपियों को सुनाई गई सजा
जेएम प्रथम की न्यायाधीश अर्शी नूर के न्यायालय से मारपीट के आरोपियों को सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के सहायक अभियोजन अधिकारी हेमंत सिंह के अनुसार, 22 नवंबर 2008 को उर्मिला देवी निवासी बढ़ौती फतेह खां मडराक ने गांव के ही मनोज, रोशन व विजेंद्र के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज व धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में न्यायालय ने तीनों आरोपियों को एक-एक साल की सजा व ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
टप्पल में अपहरण के बाद हत्या मामले में जमानत अर्जी खारिज
सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से टप्पल में सितंबर में हुई अंकुश की अपहरण के बाद हत्या के मामले में एक आरोपी कृष्ण कुमार निवासी बैना टप्पल की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार 19 सितंबर 2020 को अंकुश गायब हो गया था। बाद में वह जख्मी हालत में मिला था। बाद में उसकी मौत हो गई। इस मामले में कृष्णा निवासी बैना आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें जमानत अर्जी खारिज की गई है। वहीं, हमले के मामले में सुभाष निवासी जलालपुर पिसावा व छेड़खानी में ब्रह्मजीत निवासी देवपुर गभाना की जमानत अर्जी खारिज की गई है।