ससुरालियों ने निकाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज में कार व पांच लाख रुपये की मांग करते हुए शबाना को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 11 अप्रैल 2019 को आबिद को फोन आया कि शबाना को यासीन व अन्य लोगों ने मिलकर मार दिया है।
अलीगढ़ में थाना देहलीगेट क्षेत्र के जंगलगढ़ी में पांच साल पहले हुई महिला की हत्या में एडीजे- 14 अमित कुमार तिवारी की अदालत ने पति को आजीवन कारावास व 62 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। दूसरे आरोपी देवर को दोषमुक्त कर दिया है।
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घटना 11 अप्रैल 2019 को हुई थी। थाना देहलीगेट क्षेत्र के जंगलगढ़ी बाईपास निवासी आबिद ने 12 अप्रैल 2019 को तहरीर देकर बताया कि छह साल पहले बहन शबाना की शादी थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के काला महल निवासी यासीन शम्स से की थी। ससुरालियों ने निकाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज में कार व पांच लाख रुपये की मांग करते हुए शबाना को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
11 अप्रैल 2019 को आबिद को फोन आया कि शबाना को यासीन व अन्य लोगों ने मिलकर मार दिया है। मेडिकल काॅलेज में शबाना को मृत घोषित कर दिया गया। शबाना को गला घोंटकर मारा गया था। पुलिस ने मामले में शाैहर यासीन, जेठ आरफीन व देवर सलीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें यासीन व सलीम के खिलाफ चार्जशीट लगाई। अदालत ने यासीन को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सलीम को दोषमुक्त कर दिया। सलीम ने शबाना को अस्पताल में भर्ती कराया था और वह भाई से अलग भी रहता था।