र्व प्रधानाध्यापक हर स्वरूप रावत पैदल अलीगढ़-पलवल मार्ग स्थित दूध डेयरी पर दूध लेने जा रहे थे। इसी दौरान अलीगढ़ की ओर से अपने गांव शादीपुर थाना पिसावा जा रहे नूंह (हरियाणा) में तैनात पुलिस कर्मी जितेंद्र की तेज रफ्तार बाइक से उन्हें टक्कर लग गई।
18 फरवरी की सुबह करीब सात बजे गांव अंडला में डेयरी पर दूध देने जा रहे पूर्व प्रधानाध्यापक को बाइक सवार हरियाणा पुलिस के सिपाही ने टक्कर मार दी। हादसे में पूर्व प्रधानाध्यापक की मौके पर ही जबकि सिपाही की इलाज के दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई।
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खैर के गांव अंडला निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक हर स्वरूप रावत (70) पुत्र बद्री प्रसाद रावत रोजाना की तरह पैदल ही अलीगढ़-पलवल मार्ग स्थित दूध डेयरी पर दूध जा रहे थे। इसी दौरान अलीगढ़ की ओर से अपने गांव शादीपुर थाना पिसावा जा रहे नूंह (हरियाणा) में तैनात पुलिस कर्मी जितेंद्र (42) पुत्र पन्नालाल की तेज रफ्तार बाइक से उन्हें टक्कर लग गई। इससे बाइक भी अनियंत्रित होकर गिर गई, वहीं दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
आसपास के ग्रामीण दौड़कर पास पहुंचे और दोनों को सड़क किनारे बिठाया। साथ ही पुलिस को खबर दी। परिजन पहुंचकर उन्हें अस्पताल ले जाते इससे पहले ही हर स्वरूप रावत ने दम तोड़ दिया। उधर गंभीर रूप से घायल सिपाही जितेंद्र को पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान सुबह करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई।
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सेना से सेवानिवृत्त होकर सिपाही बने थे जितेंद्र
जितेंद्र पांच भाइयों में सबसे छाेटे थे। वह पहले सेना में थे। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद चार साल पहले हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। हरियाणा के नूंह में उनकी तैनाती थी। वह अपने पीछे पत्नी बृजेश, पुत्र गर्वित और एक बेटी को रोता छोड़ गए हैं। वहीं हर स्वरूप रावत बेसिक शिक्षा विभाग से प्रधानाध्यापक के पद से सेवानिवृत्त थे। पत्नी विमला, चार विवाहित बेटियों और विवाहित पुत्र ध्रुव को रोता छोड़ गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव का उनके गांवों में अंतिम संस्कार हुआ।