स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार व वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी की पीठ ने भारतीय जीवन बीमा निगम को एक मामले में 10 लाख रुपये की बीमा राशि अदा करने का आदेश दिया है। मामला तीन सितंबर 2016 का है। शिक्षा विभाग में तैनात सह अध्यापक कमल सिंह निवासी जवां की मथुरा में रोड दुर्घटना में मौत हो गई थी। मथुरा जिले के थाना हाईवे में इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हुआ। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया तो मौत का कारण हादसे में शरीर में कई चोट लगना पाया गया। इस पर पत्नी राकेशी देवी ने पति द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम से कराए गए बीमा के आधार पर 20 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का दावा किया।
इस दावे को बीमा कंपनी ने खारिज कर दिया। इसके पीछे कमल सिंह द्वारा बीमा कराते समय अपनी बीमारी छिपाने का आरोप लगाया गया। मामला कोर्ट में पहुंचा। यहां स्थायी अदालत ने इसमें दोनों पक्षों की सुनवाई की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी। रिपोर्ट में मौत का कारण सड़क दुर्घटना पाए जाने पर स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार व वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी की पीठ ने भारतीय जीवन बीमा निगम को मृतक की पत्नी राकेशी देवी को 10 लाख रुपये की बीमा राशि अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही आदेश है कि अगर एक माह के अंदर यह राशि जारी नहीं की जाती है तो कंपनी आदेश जारी होने की तिथि से 6 प्रतिशत की ब्याज के साथ रकम अदा करेगी।