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सांसद आजम खान पर कार्रवाई का पत्र वायरल

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मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के चांसलर व रामपुर के सपा सांसद आजम खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यूनिवर्सिटी की जमीन के मामले में कई मुकदमों में फंसे आजम खान अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पढ़ाई के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर वो एक बार फिर सुर्खियों आ गए हैं।
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आजम के खिलाफ एएमयू में हुई कार्रवाई के पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। मामला वर्ष 1971 व 1975 का है। वहीं, एएमयू इंतजामिया का कहना है कि जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से अभद्रता के चलते आजम खान पर कार्रवाई नहीं हुई थी, बल्कि इमरजेंसी की मुखालफत की वजह से उनकी गिरफ्तारी हुई थी।
सोशल मीडिया पर वायरल पत्र के अनुसार, सपा सांसद आजम खान ने एएमयू से बीए ऑनर्स व एलएलएम की डिग्री ली है। वर्ष 1971 में बीए की पढ़ाई के दौरान उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने छात्रों को बवाल के लिए उकसाया था।
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इस मामले में इंतजामिया ने उन्हें नोटिस दिया था, जिस पर आजम ने माफी मांगी। वर्ष 1975 में एलएलएम की पढ़ाई के दौरान उन पर जेएन मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड में डॉक्टरों से अभद्रता का आरोप लगा। इंतजामिया ने उन्हें एक साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था।
वर्ष 1975 में ही इमरजेंसी के दौरान आजम खान को पुलिस ने यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार कर लिया था। तब वे छात्रसंघ के सचिव थे। आजम खान पर वीमेंस कॉलेज में दिल्ली से आई टीम पर अभद्रता का आरोप लगा था। उधर, एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि वर्ष 1975 में इमरजेंसी का विरोध करने पर आजम खान की गिरफ्तारी हुई थी।
मेडिकल कॉलेज के महिला वार्ड में आजम खान द्वारा हंगामा करने की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि किसी के पास यह पत्र हो, जिसने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया हो। हालांकि, यह मामला काफी पुराना है। इससे यूनिवर्सिटी से कोई नाता-रिश्ता नहीं है।
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