स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अचल ताल के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान अत्यधिक खुदाई से मंदिर का एक हिस्सा गिरने की घटना से कार्यदायी संस्था ने सबक नहीं लिया है। इस हिस्से के पुनर्निर्माण के लिए चल रहे काम में भी जमकर अनियमितताएं बरती जा रही हैं। दीवार की नींव में रोड़ी या बालू डालने के बजाय उसे मलबे से भरा जा रहा है। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सरासर आस्था से खिलवाड़ है। हम स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अफसरों के सामने इस पर आपत्ति जताएंगे।
बताते चलें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अचलेश्वर मंदिर के अचल ताल पर सौंदर्यीकरण काम चल रहा है। घटिया मानकों से चल रहे इस काम के दौरान अत्यधिक खुदाई के कारण कुछ दिन पूर्व इस प्राचीन मंदिर की दीवार व पुराने बने कमरे गिर गए थे। उस समय खूब हो हल्ला मचा। जांच कराने की बात हुई, लेकिन फिर सब पुराने ढर्रे पर आ गया। भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने बताया कि वर्तमान में मंदिर के गिरे हुए हिस्से की नींव भराई का काम चल रहा है। इसमें बालू या गिट्टी से फिलिंग के बजाय मलबा भरा जा रहा है। इससे इमारत के एक बार फिर धसकने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस मामले में आपत्ति जताने पर कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम एवं स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अफसरों ने बुधवार को मौके पर आकर स्थानीय लोगों की आपत्तियों की सुनवाई करने के लिए समय दिया था, लेकिन कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि यह सरासर आस्था का अपमान है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में नगर आयुक्त प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि यह काम स्मार्ट सिटी के अफसरों का है। इस मामले में उन्हें अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर वह अफसरों की टीम भेजकर जांच कराएंगे।