जवां में स्कूल के पास दिखा तेंदुआ
- फोटो : वीडियो ग्रैब
अलीगढ़ में जवां के गांव नगला रायसिंह के मर्ज किए गए प्राथमिक स्कूल के पास 27 नवंबर देर रात ग्रामीणों को एक तेंदुआ घूमता दिखाई दिया है। तेंदुआ के अस्पष्ट चिह्न भी मिले हैं। तेंदुआ के नाम से ही इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने 28 नवंबर को बच्चों को भी दूसरे गांव में स्थित स्कूल में नहीं भेजा। ग्रामीण खुद भी अकेले बाहर नहीं निकल रहे हैं। वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई है और गांव में डेरा जमाने के साथ ही जाल व पिंजरा लगा दिया है। तेंदुआ से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गांव के मदन पुत्र रघुवीर सिंह ने बताया कि 27 नवंबर रात करीब साढ़े दस बजे अपने खेत में पानी लगाकर पैदल ही घर वापस आ रहे थे, तभी उन्हें प्राथमिक स्कूल के पास एक तेंदुआ घूमता दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाया तो अन्य ग्रामीण भी आ गए, उन्होंने भी तेंदुए को भागते हुए देखा। रात भर ग्रामीण गांव व जंगल में तेंदुआ की तलाश करते रहे।
सुबह ग्रामीणों ने प्राथमिक स्कूल के पास तेंदुआ के पग चिह्न देखे। इसकी सूचना पर वन विभाग की टीम में शामिल वन दरोगा संजय, वनरक्षक संगम, उत्तम सिंह, श्वेता रानी आदि गांव पहुंच गए। टीम ने एक स्थान पर जाल व पिंजरा लगा दिया है और उसकी निगरानी शुरू कर दी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने बताया कि नगला रायसिंह का प्राथमिक विद्यालय मर्ज किया जा चुका है, इस स्कूल में बच्चे नहीं जाते हैं। गांव में बाघ या तेंदुआ आने की बात ग्रामीण कह रहे हैं लेकिन देखा किसी ने नहीं है।
अफसर भी हैरान कहां से आ गया तेंदुआ
तेंदुआ आने की खबर पर वन विभाग के अफसर भी हैरान हैं कि यह कहां से यहां आ गया है। लोगों में डर है कि तेंदुआ कहीं आसपास नहीं छिपा हो। इसको लेकर वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। पग चिन्ह से पड़ताल की जा रही कि यह तेंदुआ ही है और किस तरफ से यहां आया है। वन क्षेत्राधिकारी गाैरव कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने तेंदुआ को घूमते हुए देखा है। पग चिह्न मिले हैं, लेकिन वह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है फिर भी विभाग की टीम सर्तक है।
चूंकि तेंदुआ रात में ही अक्सर दिखाई पड़ता है, इसके लिए गांव में जाल और पिंजरा लगा दिया गया है। करीब तीन साल पहले भी जवां क्षेत्र में एक तेंदुआ मिला था। वह एक घर में घुस गया था. उसे आगरा से आई वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू के बाद पकड़ा था।