नगला रायसिंह सहित क्षेत्र में छह दिन से तेंदुआ नजर नहीं आया है। शनिवार को गांव के साथ ही रविवार को एक किलोमीटर दूर बुलंदशहर जिले के सीमा में पड़ने वाले गांव पला में वह दिखाई पड़ा था। इसके बाद से वह नहीं दिखा। इससे ग्रामीणाें में तेंदुआ का डर कम हुआ है और वह अपने बच्चों को स्कूल भेजने लगे हैं।
गांव नगला रायसिंह गांव में वन विभाग के 10 कर्मचारी डेरा डाले हुए हैं। गांव के प्राथमिक स्कूल से करीब 300 मीटर दूर वन विभाग के कर्मचारियों मचान बना रखा है। दिन में मचान के जरिये भी तेंदुआ पर नजर रखी जा रही है। इसी मचान के आसपास वन विभाग ने चार पिंजरे लगाए हैं। इनमें दो पिंजरा ऑटोमेटिक और दो सामान्य हैं।
27 नवंबर की रात करीब साढ़े दस बजे गांव नगला राय सिंह के प्राथमिक स्कूल के पास पहली बार तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद वह बीच-बीच में तीन-चार बार गांव के आसपास नजर आया।
ग्रामीणों के अनुसार छह दिन से तेंदुआ नजर नहीं आने से डर कुछ कम हुआ है। खेतों में काम करने के साथ ही उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजना भी शुरू कर दिया है। वन विभाग के दरोगा संजय कुमार ने बताया कि छह दिन से तेंदुआ गांव के आसपास कहीं दिखाई नहीं पड़ा है। हालांकि विभागीय टीम पूरी तरह सतर्क है। हो सकता है कि तेंदुआ कहीं आगे निकल गया हो।