कल्याण नगर के नाम से अतरौली को नया जिला बनाए जाने की चर्चाओं के बीच छर्रा को तहसील बनाने की मांग फिर से उठने लगी है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि छर्रा को तहसील बनाए जाने की मांग दशकों पुरानी है। तहसील बनने के सभी मानक को छर्रा पूरा करता है।
कस्बे के लोगाें का कहना है कि वर्ष 1904 में बनी छर्रा नगर पंचायत छर्रा की आबादी करीब 40 हजार है और करीब 19 हजार मतदाता हैं। यहां राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, दो सहायता प्राप्त शासकीय हाईस्कूल एवं इंटर मीडिएट कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विकास खंड कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय, कोतवाली, पुराना बाजार, खंड शिक्षा कार्यालय, पशु चिकित्सालय, पुराना डाकघर सहित कई ऐसे संसाधन हैं जो छर्रा को तहसील बनने के मानक पूरे करते हैं।
-छर्रा जनपद की सबसे बड़ी नगर पंचायत है, लेकिन तहसील का दर्जा नहीं मिला। शासन को छर्रा को जनपद की छठवीं तहसील का दर्जा देना चाहिए।- राजेश गुप्ता बाबा।
-नगर पंचायत छर्रा तहसील बनने के सभी मानक पूरा करती है। यह मानक अन्य कोई कस्बा पूरा नहीं करता। छर्रा के तहसील बनने से रोजगार में वृद्धि होगी।- मुकेश गुप्ता।
-अतरौली के जिला बनने पर गंगीरी को तहसील बनाने की बात सामने आ रही है। छर्रा को ही जनपद की छठवीं तहसील का दर्जा मिलना चाहिए।- चौधरी नवाब सिंह, भाकियू।
-छर्रा को तहसील बनाने के लिए विधायक ठा रवेन्द्रपाल सिंह सहित नगर पंचायत छर्रा ने भी शासन को पत्र लिखा है। छर्रा के तहसील बनने से विकास में तेजी आएगी।-लालू महाजन, प्रतिनिधि, नगर पंचायत अध्यक्ष।