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लेखपाल रिश्वत कांड: कोल तहसील में बैनामों की जांच को आ सकती है विजिलेंस, अधिकारी-कर्मचारी को बुलाया जाएगा आगरा

Tue, 13 Feb 2024 04:22 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

आगरा विजिलेंस टीम ने सरोज नगर एटा चुंगी निवासी लेखपाल नारायण प्रताप सिंह को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। लेखपाल पर बैनामों के जरिये भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। लेखपाल व पीड़ित किसान के बीच की बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था।
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रिश्वत डेमो - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ में धनीपुर एयरपोर्ट के भूमि अधिग्रहण में भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए लेखपाल के कारनामों की अब विजिलेंस ने जांच तेज कर दी है। विजिलेंस की टीम बैनामों की जांच के लिए किसी भी दिन कोल तहसील आ सकती है। साथ ही, एसडीएम सहित तहसील के छह अधिकारियों व कर्मचारियों को पूछताछ के लिए आगरा बुलाया जाएगा। 

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पिछले सप्ताह आगरा विजिलेंस टीम ने सरोज नगर एटा चुंगी निवासी लेखपाल नारायण प्रताप सिंह को रंगेहाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। लेखपाल पर बैनामों के जरिये भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा दिलाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। लेखपाल व पीड़ित किसान के बीच की बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था।  यह ऑडियो भी विजिलेंस तक पहुंच गया है। उसे जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। 

विजिलेंस के सूत्र बताते हैं कि अब एसडीएम व तहसील के छह कर्मचारियों व अधिकारियों से भी पूछताछ होगी। उन्हें आगरा बुलाया जाएगा। इससे पहले कुछ साक्ष्य संकलन व बैनामों की जांच के लिए विजिलेंस टीम किसी भी दिन तहसील पहुंच सकती है। इसके अलावा अन्य सभी साक्ष्यों को संकलित करने का काम तेजी से हो रहा है, ताकि जल्द चार्जशीट दाखिल हो सके।

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आखिर 50 शिकायतों का निस्तारण कब होगा ? 

धनीपुर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का जिम्मा संभाले लेखपाल जरूर भ्रष्टाचार के आरोप में जेल चला गया है, मगर अभी बहुत से सवालों के जवाब तलाशे जाने हैं। इनमें सबसे ज्यादा वह लोग परेशान हैं, जिनकी शिकायतों व आपत्तियों का आज तक निस्तारण नहीं हुआ और वह आज भी पूछ रहे हैं कि आखिर उनके मामलों का निस्तारण कौन करेगा। अकेले इसी लेखपाल के इलाके में करीब पचास आपत्तियां व शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों के यहां दाखिल हैं।

यह लेखपाल नारायण प्रताप सिंह गांव खनगढ़ी में तैनात था और धनीपुर एयरपोर्ट के लिए इस गांव की सर्वाधिक भूमि का अधिग्रहण हो रहा है। वहां के किसानों से बैनामे कराने का जिम्मा निभा रहा था। इस गांव से करीब पचास शिकायतें व आपत्तियां अधिकारियों से लेकर आईजीआरएस पोर्टल तक दाखिल हैं। 

किसी शिकायत में आरोप है कि किसी की जमीन का जबरन बैनामा कराकर माफिया ने खुद एयरपोर्ट प्राधिकरण को बैनामा कर दिया है। इसके अलावा, प्लाटिंग के नाम पर बैनामे के बाद भी किसान ने ही एयरपोर्ट को बैनामा कर दिया। कुछ में आरोप था कि भूमि पट्टे में आवंटित थी, पहले उसकी प्लाटिंग कर दी और अब एयरपोर्ट को बैनामा कर दिया। कुछ गाटा नंबरों में जबरन एयरपोर्ट के नाम बैनामा करने का आरोप है। इसी तरह की शिकायतें पिछले चार माह में एसडीएम से लेकर जिला अधिकारी और आईजीआरएस पोर्टल तक दाखिल की गई हैं। 

इन आपत्तियों के बावजूद उस इलाके में बैनामे जारी रहे और किसी आपत्ति का आज तक निस्तारण नहीं हुआ। अब लेखपाल के जेल जाने के बाद बेशक जिलाधिकारी स्तर से वहां दो-दो एडीएम स्तर के अधिकारियों को कैंप कर बैनामे कराने के निर्देश दिए हैं। मगर सवाल है कि आखिर उन आपत्तियों व शिकायतों का निस्तारण कौन करेगा? और कब होगा? इसका जवाब कोई नहीं दे रहा है। वहीं, आपत्ति व शिकायत दाखिल करने वाले किसानों या भूस्वामी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। 

इसके अलावा इस लेखपाल के विषय में एक नई जानकारी आई है कि वह मूल रूप से तैनाती वाले इलाके के पास के गांव का रहने वाला था। मगर नौकरी में उसने अपना मूल व स्थायी निवास सरोज नगर एटा चुंगी दर्ज करा रखा था। ऐसे में साफ है कि कहीं न कहीं लेखपाल इलाके के भूमाफिया व दलालों का करीबी रहा और उसने यह पूरा खेल किया।
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