सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने के लिए पिछड़ा वर्ग के दो नेताओं ने अनुसूचित जाति की युवती से शादी कर पत्नी के जरिए विधायक कहलाने की तैयारी शुरू कर दी है। एक ने पत्नी की सहमति से दूसरा विवाह कर भी लिया है तो दूसरे ने एससी युवती से दहेज रहित विवाह का प्रस्ताव फेसबुक, वाट्स सहित अन्य सोशल मीडिया पर डाला है। दोनों ही नेता जिला पंचायत सदस्य हैं। एससी युवती से शादी के साथ ही बड़े राजनीतिक दल से टिकट की जुगत में भी यह दोनों नेता लगे हैं।
विधान सभा क्षेत्र इगलास आरक्षित है। जिला पंचायत सदस्य रवेंद्र कुमार उर्फ पाली भैया पिछड़ा वर्ग से आते हैं। सुरक्षित सीट पर वह चुनाव लड़ नहीं सकते, ऐसे में उन्होंने एससी युवती से शादी कर पत्नी को चुनाव लड़ाने की तैयारी शुरू की है। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा भी लिया है।
दूसरे जिला पंचायत सदस्य हैं मेघराज सिंह। वह भी पिछड़ा वर्ग से आते हैं। आरक्षित सीट पर खुद को विधायक कहलाने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी को राजी कर एससी युवती से दूसरा विवाह भी कर लिया है। दोनों ही लगातार जनता के बीच में पहुंच रहे हैं। किसी ने पूछा भी कि सीट तो आरक्षित है तो गर्व से पत्नी को चुनाव लड़ाने की बात बताते हैं।
विधान सभा क्षेत्र सुरक्षित होने के कारण खुद चुनाव नहीं लड़ सकता। इस कारण फैसला किया कि एससी युवती को जीवन संगिनी बनाकर विधायक का चुनाव लड़ाऊंगा। सोशल मीडिया पर विवाह का प्रस्ताव पोस्ट किया है। पत्नी को विधायक बनाकर समाजसेवा करूंगा।
- रवेंद्र कुमार उर्फ पाली भैया सदस्य जिला पंचायत
पत्नी की सहमति से एससी युवती से दूसरा विवाह कर लिया है। जनता के बीच हूं। लोगों की सेवा कर रहा हूं। गांव गांव जनसंपर्क चल रहा है। पत्नी को विधानसभा का चुनाव लड़ाऊंगा। अभी तो एक नेताजी के साथ फैजाबाद के रास्ते पर हूं। लौटकर और बात होगी।
- मेघराज सिंह, जिला पंचायत सदस्य