निबंधन कार्य के निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं ने शनिवार को भी विरोध किया। गभाना में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और सीएम नाम ज्ञापन सौंपा। इगलास में वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने ई-रजिस्ट्री व्यवस्था का विरोध जताया।
गभाना में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह के नेतृत्व में बरौली विधायक जयवीर सिंह और एसडीएम हरिश्चंद्र को ज्ञापन दिया। कहा कि फ्रंट ऑफिस की स्थापना उनके हितों के खिलाफ है। इस दौरान युवा राजस्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह, अरुण कुमार सिंह, अनिल शर्मा, सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
इगलास में वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने प्रदेश सरकार के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने तहसील पहुंचकर एसडीएम को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन ई-रजिस्ट्री संबंधी व्यवस्था लागू करने के विरोध में था। वकीलों ने सब रजिस्ट्री कार्यालय से तहसील तक मार्च किया। वकीलों और दस्तावेज लेखकों का कहना है कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था से बेरोजगारी बढ़ेगी। इसके साथ ही ई-रजिस्ट्री पंजीकरण में धोखाधड़ी की संभावना भी प्रबल रहेगी। अधिवक्ताओं ने कहा कि फ्रंट ऑफिस की स्थापना उनके हितों के प्रतिकूल है। वे इस नई व्यवस्था का कड़ा विरोध कर रहे हैं। अशोक उपाध्याय, विजय वर्मा, नर्मदेश्वर कौशिक, लक्ष्मीदत्त शर्मा, गिरप्रसाद, वरुण अग्रवाल, प्रमोद पाराशर आदि मौजूद रहे।
तहसील समाधान दिवस में की नारेबाजी
खैर। तहसील परिसर में शनिवार को लगा तहसील समाधान दिवस अधिवक्ताओं के विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच संपन्न हुआ। अधिवक्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध जताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि आंदोलन के समर्थन में स्टांप बिक्री, नोटरी और अन्य कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। एसडीएम सुशील कुमार सिंह, सीओ संजीव कुमार तोमर, तहसीलदार अविनाश कुमार, नायब तहसीलदार काजल तोमर ने जनसमस्याएं सुनकर उनके निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 41 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से पांच का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष 36 शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा गया। शिकायतें मुख्य रूप से राजस्व, विद्युत और सड़क संबंधी थीं।